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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से टिहरी पुलिस का साइबर जागरूकता अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत 24 जुलाई को साइबर क्राइम शाखा ने संस्कार सृजन स्कूल ढालवाला मुनिकीरेती में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल एवं क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर के पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान साइबर विशेषज्ञों ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने ऑनलाइन ठगी फिशिंग सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग फर्जी लिंक ओटीपी और केवाईसी फ्रॉड डिजिटल अरेस्ट निवेश फ्रॉड बैंकिंग फ्रॉड तथा ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी लालच भय अथवा फर्जी पहचान का सहारा लेकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध कॉल संदेश या लिंक पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को व्हाट्सएप फेसबुक इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया मंचों का सुरक्षित उपयोग करने मजबूत पासवर्ड रखने टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने तथा ओटीपी बैंक खाते की जानकारी एटीएम कार्ड विवरण यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। साइबर विशेषज्ञों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे गोल्डन आवर के भीतर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। उन्हें साइबर सुरक्षा से जुड़े व्यवहारिक सुझाव दिए गए ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर सकें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को साइबर अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि टिहरी पुलिस भविष्य में भी विद्यालयों महाविद्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को साइबर अपराधों के प्रति लगातार जागरूक करती रहेगी। टिहरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें ओटीपी यूपीआई पिन बैंक विवरण और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखें तथा किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने लोगों से जागरूक और सतर्क रहने के साथ दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की है।

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