प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने शनिवार को निर्माणाधीन सौंग बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति पुनर्वास व्यवस्था तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजना से प्रभावित गांवों की स्थिति मुआवजा वितरण और पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली तथा सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से टिहरी गढ़वाल के सौंदणा रगड़गांव और घुडशाल गांव तथा देहरादून जनपद के प्लेड गांव सहित कुल चार गांव प्रभावित हो रहे हैं। परियोजना के अंतर्गत कुल 10.560 हेक्टेयर भूमि प्रभावित है। इसमें 30 खातेदारों के 76 परिवार पूर्ण रूप से तथा 107 खातेदारों के 268 परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा 61 आवासीय भवन और 33 गौशालाएं भी परियोजना की जद में आ रही हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्ण रूप से प्रभावित गांवों के पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं। प्रभावित परिवारों को प्रतिकर राशि का वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया तेजी से संचालित की जा रही है ताकि उन्हें समय पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। परियोजना अधिकारियों ने जानकारी दी कि मालदेवता से बांध स्थल तक 10.50 किलोमीटर लंबे एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा बांध के शीर्ष पर नदी के दोनों ओर 2.50-2.50 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 2100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही सौंग पेयजल परियोजना का बांध 133 मीटर ऊंचा होगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद भविष्य में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी और लाखों लोगों को इसका लाभ प्राप्त होगा। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुआवजा वितरण और पुनर्वास की सभी प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता संवेदनशीलता और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजना से प्रभावित प्रत्येक पात्र परिवार की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को प्रतिकर और पुनर्वास के लाभ से वंचित न रखा जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने सड़क निर्माण सहित सभी अवसंरचनात्मक कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा करने तथा परियोजना की नियमित निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान उपमहाप्रबंधक प्रताप सिंह बिष्ट परियोजना प्रबंधक सुधीर सैनी शुभांशु तिवारी धीरेन्द्र नेगी गिरीश भट्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने शनिवार को निर्माणाधीन सौंग बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति पुनर्वास व्यवस्था तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजना से प्रभावित गांवों की स्थिति मुआवजा वितरण और पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली तथा सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से टिहरी गढ़वाल के सौंदणा रगड़गांव और घुडशाल गांव तथा देहरादून जनपद के प्लेड गांव सहित कुल चार गांव प्रभावित हो रहे हैं। परियोजना के अंतर्गत कुल 10.560 हेक्टेयर भूमि प्रभावित है। इसमें 30 खातेदारों के 76 परिवार पूर्ण रूप से तथा 107 खातेदारों के 268 परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा 61 आवासीय भवन और 33 गौशालाएं भी परियोजना की जद में आ रही हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्ण रूप से प्रभावित गांवों के पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं। प्रभावित परिवारों को प्रतिकर राशि का वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया तेजी से संचालित की जा रही है ताकि उन्हें समय पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। परियोजना अधिकारियों ने जानकारी दी कि मालदेवता से बांध स्थल तक 10.50 किलोमीटर लंबे एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा बांध के शीर्ष पर नदी के दोनों ओर 2.50-2.50 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 2100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही सौंग पेयजल परियोजना का बांध 133 मीटर ऊंचा होगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद भविष्य में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी और लाखों लोगों को इसका लाभ प्राप्त होगा। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुआवजा वितरण और पुनर्वास की सभी प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता संवेदनशीलता और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजना से प्रभावित प्रत्येक पात्र परिवार की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को प्रतिकर और पुनर्वास के लाभ से वंचित न रखा जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने सड़क निर्माण सहित सभी अवसंरचनात्मक कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा करने तथा परियोजना की नियमित निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान उपमहाप्रबंधक प्रताप सिंह बिष्ट परियोजना प्रबंधक सुधीर सैनी शुभांशु तिवारी धीरेन्द्र नेगी गिरीश भट्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।