प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के योग विभाग में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान" के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ.रजनी नौटियाल योग विभाग के डॉ.विनोद नौटियाल जैव प्रौद्योगिकी विभाग की प्रो.पूजा सकलानी डॉ.हेमलता भट्ट राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ.अनुराही स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ.रजनी नौटियाल ने अतिथियों का स्वागत कर किया। इसके बाद डॉ.विनोद नौटियाल ने प्रतिभागियों को भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) का अभ्यास कराया और मानसिक स्वास्थ्य तथा सकारात्मक जीवनशैली में ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत नशा मुक्ति विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए नशे के दुष्प्रभाव स्वस्थ जीवनशैली और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता में प्रो.पूजा सकलानी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रभावशाली संदेश देते हुए समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। चित्रों के माध्यम से युवाओं ने स्वस्थ जागरूक और नशामुक्त भारत की परिकल्पना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। समापन अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ.रजनी नौटियाल ने सभी छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने परिवार समाज और राष्ट्र को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। इसलिए युवाओं को जागरूक होकर स्वयं नशे से दूर रहना चाहिए और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान" को सफल बनाने तथा नशामुक्त स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के योग विभाग में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान” के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ.रजनी नौटियाल योग विभाग के डॉ.विनोद नौटियाल जैव प्रौद्योगिकी विभाग की प्रो.पूजा सकलानी डॉ.हेमलता भट्ट राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ.अनुराही स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ.रजनी नौटियाल ने अतिथियों का स्वागत कर किया। इसके बाद डॉ.विनोद नौटियाल ने प्रतिभागियों को भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) का अभ्यास कराया और मानसिक स्वास्थ्य तथा सकारात्मक जीवनशैली में ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत नशा मुक्ति विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए नशे के दुष्प्रभाव स्वस्थ जीवनशैली और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता में प्रो.पूजा सकलानी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रभावशाली संदेश देते हुए समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। चित्रों के माध्यम से युवाओं ने स्वस्थ जागरूक और नशामुक्त भारत की परिकल्पना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। समापन अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ.रजनी नौटियाल ने सभी छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने परिवार समाज और राष्ट्र को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। इसलिए युवाओं को जागरूक होकर स्वयं नशे से दूर रहना चाहिए और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान” को सफल बनाने तथा नशामुक्त स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।