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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (माई भारत) तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत रविवार को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में नशा मुक्ति शपथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का सामूहिक लाइव प्रसारण तथा नशा मुक्ति विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो.प्रकाश सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ नशा मुक्ति शपथ के साथ हुआ। इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षक अधिकारी कर्मचारी एनसीसी कैडेट एनएसएस स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का सामूहिक रूप से लाइव प्रसारण देखा। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं बल्कि पूरे परिवार समाज और राष्ट्र के सामने गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की प्रतिभा ऊर्जा और भविष्य को नष्ट कर देता है तथा अनेक परिवारों को बिखेर देता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र विरोधी और अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलकर देश की शक्ति को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक परिवार शैक्षणिक संस्थान और समाज से नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया तथा युवाओं से खेल नवाचार कौशल विकास शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत आयोजित विचार गोष्ठी में कुलपति प्रो.प्रकाश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं बल्कि चरित्र निर्माण नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के केंद्र भी हैं। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने में उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने नशे से दूर रहने तथा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो.ओ.पी.गुसाईं ने कहा कि युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा खेल अनुसंधान नवाचार और सामाजिक सेवा से जुड़ें तो विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र हासिल किया जा सकता है। नशा मुक्त भारत अभियान के विश्वविद्यालय नोडल अधिकारी प्रो.जे.पी.भट्ट ने अभियान की पृष्ठभूमि उद्देश्य और विश्वविद्यालय में संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में पिछले कई वर्षों से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत व्याख्यान विचार गोष्ठियां पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं रैलियां और जनजागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि स्वस्थ जागरूक और उत्तरदायी समाज के निर्माण का राष्ट्रीय जनआंदोलन है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। विश्वविद्यालय की नशा मुक्त भारत अभियान टीम के छात्र सदस्य छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट एवं उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल ने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से आगे आकर समाज को जागरूक करने का आह्वान किया। विचार गोष्ठी में प्रो.एम.एस. नेगी प्रो.एन.एस.पंवार प्रो. वाई.पी.रेवानी,कुलसचिव प्रो.आर.एस.प्रो.अनिल नौटियाल प्रो.ए.के. पोखरियाल डॉ.नितिन बिष्ट डॉ.राकेश नेगी डॉ.सुरेन्द्र मीणा डॉ.दीपक राणा डॉ. अंजना रावत डॉ.अरुण बहुगुणा डॉ.मुकुल पंत डॉ.हिरामोय राय तथा डॉ.नरेंद्र चौहान सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है बल्कि यह पारिवारिक विघटन अपराध मानसिक तनाव आर्थिक नुकसान और सामाजिक अस्थिरता का प्रमुख कारण बनती जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों नशे के प्रलोभनों और गलत संगति से बचते हुए सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी नशे के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने तथा अपने मित्रों परिवार और समाज को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया। इस दौरान जानकारी दी गई कि विश्वविद्यालय में आने वाले समय में नशा मुक्ति विषयक जागरूकता अभियान विशेषज्ञ व्याख्यान प्रतियोगिताएं सामुदायिक कार्यक्रम और आउटरीच गतिविधियां निरंतर आयोजित की जाएंगी ताकि विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रभावी योगदान दिया जा सके। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता विभागाध्यक्ष शिक्षक अधिकारी कर्मचारी एनसीसी कैडेट एनएसएस स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने “नशा मुक्त भारत–विकसित भारत” के संकल्प को दोहराते हुए समाज से नशे के उन्मूलन के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शोध छात्र अंकुर रावत राजेन्द्र बिष्ट आशुतोष पंत और अतुल भट्ट भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन माई भारत के संयोजक डॉ.राकेश नेगी ने किया।

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