प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने मंगलवार को श्रीनगर तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में जनसुनवाई करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तहसील दिवस के बाद उन्होंने पौड़ी से पहुंचे सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को श्रीनगर स्थित अपने-अपने विभागीय कार्यालयों और अधिष्ठानों का निरीक्षण कर ही मुख्यालय लौटने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने स्वयं तहसील कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जनसुनवाई के दौरान ग्राम प्रधान बछेली कुलदीप गुसाईं ने सुमाड़ी में निर्माणाधीन डंपिंग जोन से अमधार तल्ली के पेयजल स्रोत की गुणवत्ता प्रभावित होने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान निर्माणदायी संस्था और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बलडी तोक में आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर की शिकायत पर उन्होंने दो दिन के भीतर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में संयुक्त निरीक्षण कर पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं पार्षद संदीप सिंह रावत ने वार्ड-40 में प्रस्तावित खेल मैदान और विद्युत उपसंस्थान के लिए चिन्हित भूमि के लंबित हस्तांतरण का मामला उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने यूपीपीसीएल से उपसंस्थान की प्रशासनिक स्वीकृति उपलब्ध कराने तथा उपजिलाधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी न्यायालय और तहसीलदार न्यायालय में लंबित राजस्व एवं फौजदारी वादों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में बार-बार सुनवाई के बावजूद प्रगति नहीं हो रही है उन्हें अंतिम अवसर प्रदान कर नियमानुसार शीघ्र निस्तारित किया जाए। कुछ मामलों में एक ही कार्य के लिए 15-15 तिथियां दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से वाद लंबित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने अधिक समय से लंबित पत्रावलियों की नियमित समीक्षा करने तथा न्यायिक कार्यों में समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तहसील कार्यालय के सभी अनुभागों का विस्तृत निरीक्षण कर कमियों सहित समग्र निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। नजारत अनुभाग में अभिलेखों और पत्रावलियों का रखरखाव संतोषजनक न मिलने पर नायब नजीर से स्पष्टीकरण तलब किया गया। संग्रह अनुभाग में राजस्व लेखाकार के पटल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कम वसूली करने वाले अमीनों का वेतन रोकने तथा लंबित वसूली में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सीएम हेल्पलाइन कार्मिक उपस्थिति पंजिका और भूलेख अनुभाग के मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण किया। खतौनी रजिस्टरों का अवलोकन करते हुए उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो को अभिलेखों का रखरखाव पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर संचार व्यवस्था की जांच की तथा उपलब्ध उपकरणों और संसाधनों की कार्यशीलता का परीक्षण किया। उन्होंने सभी उपकरणों को पूरी तरह क्रियाशील एवं अद्यतन रखने आपदा संबंधी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान 24 घंटे सतर्कता बनाए रखने आवश्यक संपर्क सूची नियमित रूप से अपडेट करने तथा संचार व्यवस्था में किसी भी तकनीकी कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा तहसीलदार दीपक भंडारी सहित तहसील के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने मंगलवार को श्रीनगर तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में जनसुनवाई करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तहसील दिवस के बाद उन्होंने पौड़ी से पहुंचे सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को श्रीनगर स्थित अपने-अपने विभागीय कार्यालयों और अधिष्ठानों का निरीक्षण कर ही मुख्यालय लौटने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने स्वयं तहसील कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जनसुनवाई के दौरान ग्राम प्रधान बछेली कुलदीप गुसाईं ने सुमाड़ी में निर्माणाधीन डंपिंग जोन से अमधार तल्ली के पेयजल स्रोत की गुणवत्ता प्रभावित होने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान निर्माणदायी संस्था और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बलडी तोक में आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर की शिकायत पर उन्होंने दो दिन के भीतर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में संयुक्त निरीक्षण कर पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं पार्षद संदीप सिंह रावत ने वार्ड-40 में प्रस्तावित खेल मैदान और विद्युत उपसंस्थान के लिए चिन्हित भूमि के लंबित हस्तांतरण का मामला उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने यूपीपीसीएल से उपसंस्थान की प्रशासनिक स्वीकृति उपलब्ध कराने तथा उपजिलाधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी न्यायालय और तहसीलदार न्यायालय में लंबित राजस्व एवं फौजदारी वादों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में बार-बार सुनवाई के बावजूद प्रगति नहीं हो रही है उन्हें अंतिम अवसर प्रदान कर नियमानुसार शीघ्र निस्तारित किया जाए। कुछ मामलों में एक ही कार्य के लिए 15-15 तिथियां दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से वाद लंबित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने अधिक समय से लंबित पत्रावलियों की नियमित समीक्षा करने तथा न्यायिक कार्यों में समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तहसील कार्यालय के सभी अनुभागों का विस्तृत निरीक्षण कर कमियों सहित समग्र निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। नजारत अनुभाग में अभिलेखों और पत्रावलियों का रखरखाव संतोषजनक न मिलने पर नायब नजीर से स्पष्टीकरण तलब किया गया। संग्रह अनुभाग में राजस्व लेखाकार के पटल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कम वसूली करने वाले अमीनों का वेतन रोकने तथा लंबित वसूली में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सीएम हेल्पलाइन कार्मिक उपस्थिति पंजिका और भूलेख अनुभाग के मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण किया। खतौनी रजिस्टरों का अवलोकन करते हुए उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो को अभिलेखों का रखरखाव पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर संचार व्यवस्था की जांच की तथा उपलब्ध उपकरणों और संसाधनों की कार्यशीलता का परीक्षण किया। उन्होंने सभी उपकरणों को पूरी तरह क्रियाशील एवं अद्यतन रखने आपदा संबंधी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान 24 घंटे सतर्कता बनाए रखने आवश्यक संपर्क सूची नियमित रूप से अपडेट करने तथा संचार व्यवस्था में किसी भी तकनीकी कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा तहसीलदार दीपक भंडारी सहित तहसील के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।