प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। युवाओं को आत्मनिर्भर रोजगारपरक और उद्यमशील बनाने की दिशा में जनपद पौड़ी में नई पहल शुरू की गई है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने मंगलवार को राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान श्रीनगर में उद्योग विभाग के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय उद्यमिता एवं स्वरोजगार जागरूकता कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि जनपद के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इसी प्रकार के उद्यमिता एवं स्वरोजगार जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि प्रत्येक युवा तक रोजगार कौशल विकास स्टार्टअप और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंच सके। कार्यशाला में विद्यार्थियों को स्वरोजगार स्टार्टअप कौशल विकास लघु उद्योग पर्यटन आधारित उद्यम प्लेसमेंट तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक अवसरों से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से पूर्व में जनपद के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विद्यार्थियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे जिसके क्रम में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ लगातार समन्वय स्थापित करते हुए उनके सुझावों और आवश्यकताओं को कार्ययोजना में शामिल किया है ताकि विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कार्यक्रम संचालित किए जा सकें। शिक्षण संस्थानों में बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लास फर्नीचर पेयजल और शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार कौशल और उद्यमिता से जोड़ना है। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित रखने के बजाय उनकी रुचि योग्यता और क्षमता के अनुरूप सभी करियर विकल्पों से परिचित कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं के अलावा निजी कंपनियों में प्लेसमेंट स्टार्टअप स्वरोजगार उद्यमिता और सेवा क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। यदि युवाओं को समय पर सही करियर परामर्श कौशल प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिले तो वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सेवा सुशासन एवं विकास के विजन तथा आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी ने संस्थान की प्लेसमेंट व्यवस्था की सराहना करते हुए विद्यार्थियों की प्रोफाइलिंग कर उनकी रुचि और क्षमता का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी अपना उद्यम स्थापित करना चाहते हैं उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रशिक्षण और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम पूरी तरह संवादात्मक हों जिनमें विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान की आवश्यकताओं जैसे स्मार्ट क्लास आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और अन्य आधारभूत संसाधनों से संबंधित प्रस्ताव मिलने पर जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार और नए विचारों का है। युवाओं को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप कार्यक्षेत्र का चयन करते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि अपुणी सरकार पोर्टल पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध है जिसका लाभ लेकर युवा अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल नौकरी प्राप्त करने की सोच तक सीमित न रहकर सफल उद्यमी बनने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान की प्राचार्या डॉ.भारती ने कहा कि जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार उद्यमिता और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है और स्वरोजगार की असीम संभावनाओं का लाभ उठाकर युवा अपने साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। कार्यशाला के तकनीकी एवं विषयगत सत्रों में विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा तकनीकी शिक्षा के बदलते स्वरूप तथा उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। जिला सेवायोजन कार्यालय द्वारा रोजगार पंजीकरण करियर काउंसलिंग रोजगार मेलों और अन्य सेवाओं की भी जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना स्टार्टअप एवं उद्यमिता विकास योजनाओं बैंक ऋण सब्सिडी परियोजना निर्माण कौशल विकास प्रशिक्षण तथा स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों पर विस्तार से जानकारी साझा की। विद्यार्थियों को पर्यटन होमस्टे खाद्य प्रसंस्करण हस्तशिल्प सेवा क्षेत्र डिजिटल उद्यम और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों की संभावनाओं से भी अवगत कराया गया। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया और संबंधित विभागों से मार्गदर्शन प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए उद्यमिता स्टार्टअप और स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे तथा इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने पॉलिटेक्निक संस्थान के कक्षाकक्षों विभिन्न शाखाओं और प्लेसमेंट व्यवस्था का निरीक्षण किया। प्लेसमेंट सेल की प्रभारी रीना नवानी ने बताया कि संस्थान के विद्यार्थियों का विभिन्न राष्ट्रीय कंपनियों में प्लेसमेंट कराया जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सिडकुल स्थित औद्योगिक इकाइयों से भी समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों के लिए अधिक से अधिक रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर सुनिश्चित किए जाएं। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी लीड बैंक प्रबंधक किशन रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शिक्षण स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
