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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र एवं सिविल सेवा निःशुल्क कोचिंग योजना के संयुक्त तत्वावधान में अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व विकास तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी को ध्यान में रखते हुए संचार कौशल व्यक्तित्व विकास सकारात्मक दृष्टिकोण एवं समय प्रबंधन विषयों पर दो विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भाषा एवं संचार कौशल के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक सोच अनुशासन लक्ष्य निर्धारण और समय के प्रभावी उपयोग के संबंध में व्यावहारिक एवं प्रेरणादायक मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक प्रो.एम.एम.सेमवाल ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अंग्रेजी आधुनिक यूरोपीय एवं विदेशी भाषा विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ.आरुषी उनियाल ने “संचार कौशल एवं व्यक्तित्व विकास” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रभावी संचार के महत्व को बताते हुए संचार के सात प्रमुख सिद्धांत—स्पष्टता संक्षिप्तता ठोसता शुद्धता सुसंगतता पूर्णता एवं विनम्रता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रभावी संचार केवल बोलने की क्षमता नहीं बल्कि स्पष्ट विचार उचित भाषा ध्यानपूर्वक सुनने आत्मविश्वास तथा सामने वाले के दृष्टिकोण को समझने की क्षमता का समन्वय है। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में समूह चर्चा ध्वनि कार्यक्रम शब्दावली विकास एवं भाषा कौशल की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। साथ ही मौखिक एवं गैर-मौखिक संचार शारीरिक हाव-भाव सुनने की कला प्रस्तुतीकरण कौशल और आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से नई शब्दावली सीखने विभिन्न विषयों पर चर्चा करने तथा अपनी भाषा एवं अभिव्यक्ति को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। प्रथम सत्र की विशेषता विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण चर्चा रही। डॉ.आरुषी उनियाल ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उत्तर देते हुए संचार कौशल विकसित करने के प्रभावी उपाय बताए। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपने विचार और प्रश्न साझा किए जिससे पूरा सत्र अत्यंत रोचक एवं ज्ञानवर्धक रहा। दूसरे सत्र में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जे.एस.जयाडा ने “जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण का महत्व एवं समय प्रबंधन” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए परिस्थितियों से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति का दृष्टिकोण आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से निराश न होकर उनसे सीखने तथा चुनौतियों को अवसर में बदलने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने जीवन एवं कार्यक्षेत्र से जुड़े अनेक प्रेरणादायक और वास्तविक अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उनके सहज सरल और प्रसन्नचित्त अंदाज ने विद्यार्थियों को पूरे सत्र के दौरान जोड़े रखा। उन्होंने गंभीर विषयों को रोचक प्रसंगों एवं अनुभवों के माध्यम से प्रस्तुत किया जिससे विद्यार्थी न केवल विषय को सरलता से समझ सके बल्कि व्याख्यान का आनंद भी लिया। उनके अनुभवों ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच धैर्य और निरंतर प्रयास के महत्व को व्यावहारिक रूप से समझने में सहायता की। समय प्रबंधन पर चर्चा करते हुए जे.एस.जयाडा ने विद्यार्थियों को दैनिक लक्ष्य निर्धारित करने कार्यों की प्राथमिकता तय करने अध्ययन की समय-सारणी बनाने अनुशासन बनाए रखने तथा समय की अनावश्यक बर्बादी से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के पास समान समय होता है लेकिन उसका सही और योजनाबद्ध उपयोग ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे चरणों में विभाजित कर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। दूसरे सत्र में भी प्रश्नोत्तर एवं संवादात्मक चर्चा आयोजित की गई जिसमें विद्यार्थियों ने अध्ययन प्रतियोगी परीक्षाओं लक्ष्य निर्धारण समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। जे.एस.जयाडा ने अपने अनुभवों एवं उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने दोनों सत्रों को अत्यंत उपयोगी प्रेरणादायक ज्ञानवर्धक एवं आनंददायक बताया। कार्यक्रम के समापन पर प्रो.एम.एम.सेमवाल ने दोनों वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विषय विशेषज्ञों एवं अनुभवी व्यक्तित्वों के साथ संवाद विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास की दिशा में आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करता है। इस अवसर पर डॉ.अरुण शेखर बहुगुणा डॉ.कुलदीप टम्टा डॉ.प्रकाश सिंह डॉ.मुकेश सहाय डॉ.अरविंद रावत डॉ.शैलेंद्र चमोला डॉ.वीर सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.आशीष बहुगुणा ने किया। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए ज्ञान के साथ-साथ प्रभावी संचार सकारात्मक सोच आत्मविश्वास अनुशासन और समय प्रबंधन भी अत्यंत आवश्यक हैं।उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के विशेष एवं संवादात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र एवं सिविल सेवा निःशुल्क कोचिंग योजना के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक व्यक्तित्व एवं जीवन कौशल विकास के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के उद्देश्य से इस प्रकार के विशेष व्याख्यान एवं संवादात्मक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।

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