प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। मां धारी देवी कमलेश्वर महादेव एवं नागेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन के बाद डॉ.सीएमएस रावत ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सा अधीक्षक फैकल्टी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। पदभार ग्रहण करने से पूर्व डॉ.रावत धारी देवी मंदिर पहुंचे जहां पुजारी रामस्वरूप पांडेय ने पूजा-अर्चना कराकर उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इसके बाद उन्होंने भगवान नागेश्वर महादेव मंदिर में महंत नितिन पुरी तथा भगवान कमलेश्वर महादेव मंदिर में महंत आशुतोष पुरी महाराज के सान्निध्य में शिवलिंग पर जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद उन्होंने मां सरस्वती की पूजा कर विधिवत पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद डॉ.रावत ने आगामी एमबीबीएस प्रवेश सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागाध्यक्षों एवं संबंधित अधिकारियों को प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली उपलब्ध संसाधनों एवं आवश्यकताओं की भी जानकारी ली। चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय के साथ उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक एवं चिकित्सीय कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार शर्मा चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय डिप्टी एमएस डॉ.दीपा हटवाल माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ.विनिता रावत डॉ.सतीश कुमार डॉ.धनंजय डोभाल डॉ.मोहित डॉ.पवन भट्ट डॉ.सचान भट्ट डॉ.जानकी बर्तवाल डॉ.सुरेंद्र सिंह डॉ.जय कुमार चीफ फार्मासिस्ट राजेंद्र चौहान एस.के.भट्ट डॉ.अमन भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी सदस्यों अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने डॉ.रावत का स्वागत किया। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक उनियाल एवं संजय गुप्ता ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं देवलगढ़ स्थित मां राजराजेश्वरी मंदिर के पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल ने दीपक उनियाल के माध्यम से मां राजराजेश्वरी देवी का आशीर्वाद स्वरूप चुनरी भेंट की। पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ.सीएमएस रावत ने कहा कि उनका लक्ष्य श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को उत्तराखंड का मॉडल मेडिकल कॉलेज बनाना है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उत्कृष्ट मेडिकल शिक्षा अनुसंधान आधुनिक संसाधनों का विकास तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोबारा जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है उसका निर्वहन पूरी निष्ठा पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सभी फैकल्टी सदस्यों अधिकारियों एवं कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य करना होगा। डॉ.रावत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की आवश्यकताओं और चुनौतियों की पूरी जानकारी है। ऐसे में निदेशक स्तर से भी संस्थान के विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा चिकित्सा शिक्षा स्वास्थ्य सेवाओं फैकल्टी सुदृढ़ीकरण अधोसंरचना विकास और संसाधनों के विस्तार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में स्थापित किया जाएगा।
