प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। सावन माह के अंतिम सोमवार के अवसर पर सिद्धपीठ बैरासकुंड महादेव मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चमोली पुलिस पूरी तरह तैयार है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार रविवार को बैरासकुंड महादेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर आसपास के क्षेत्र और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले स्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसपी चमोली ने बैरासकुंड मंदिर की पौराणिक महत्ता के संबंध में मंदिर के स्वामी वशिष्ठ गिरी से बातचीत की और मंदिर के इतिहास एवं धार्मिक महत्व की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय निवासी ललिता प्रसाद नौटियाल से सावन माह में आयोजित होने वाले मेले तथा इस दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को लेकर भी जानकारी प्राप्त की। बैरासकुंड महादेव मंदिर को पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इसी पावन भूमि पर रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी। तपस्या के बाद भी जब महादेव प्रकट नहीं हुए तो रावण ने अपने दसों सिर भगवान शिव को अर्पित कर दिए थे। स्कंद पुराण के केदारखंड में भी बैरासकुंड का उल्लेख मिलता है। इसी पौराणिक आस्था के कारण सावन माह में बैरासकुंड धाम में बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं। निरीक्षण के दौरान एसपी चमोली ने मंदिर परिसर में मौजूद स्थानीय ग्रामीणों और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। सावन माह में कांवड़ यात्रा भी चरम पर है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाहरी राज्यों से आने वाले शिवभक्तों और कांवड़ियों की भारी आवाजाही को देखते हुए एसपी चमोली ने हाईवे पर यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस बल को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। एसपी ने निर्देश दिए कि कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए पुलिस बल पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी का निर्वहन करे ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। साथ ही उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान गोपीनाथ–रुद्रनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल मनोज भट्ट तथा प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह रावत मौजूद रहे।
