प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के प्लान ऑफ एक्शन माह अगस्त 2026 के अनुपालन में तथा जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में बुधवार 12 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों कर्तव्यों तथा विभिन्न विधिक प्रावधानों के प्रति जागरूक करना और वर्तमान समय में सामने आ रही विभिन्न कानूनी समस्याओं से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना रहा। शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं एवं आम जनमानस को साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। वर्तमान डिजिटल युग में ऑनलाइन धोखाधड़ी फर्जी लिंक साइबर ठगी सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध तथा व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी अनजान व्यक्तियों के साथ साझा करने से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने तथा ऑनलाइन गतिविधियों में आवश्यक सावधानी एवं सतर्कता बरतने की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त उपस्थित लोगों को एनडीपीएस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए मादक पदार्थों के सेवन अवैध परिवहन एवं व्यापार से होने वाले सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। युवाओं को नशे से दूर रहने तथा अपने साथियों एवं समाज के अन्य युवाओं को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के संबंध में भी जानकारी दी गई। बाल विवाह के दुष्परिणामों बालिकाओं की शिक्षा एवं उनके अधिकारों तथा बाल विवाह रोकने के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। छात्र-छात्राओं को यह भी समझाया गया कि बाल विवाह की जानकारी होने पर संबंधित सक्षम प्राधिकारी को सूचना देकर बाल विवाह रोकने में सहयोग किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई। पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध विधिक सहायता एवं अन्य विधिक सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस अवसर पर रिटेनर अधिवक्ता यशोदा खत्री ने छात्र-छात्राओं एवं आम जनमानस को उपरोक्त विधिक विषयों के संबंध में सरल एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने उपस्थित लोगों की विधिक जिज्ञासाओं का भी समाधान किया। शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य शिक्षकगण छात्र-छात्राएं एवं आम जनमानस उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने तथा समाज में विधिक जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग द्वारा इस प्रकार के विधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनमानस विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी देने तथा न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के प्रति जागरूक करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के प्लान ऑफ एक्शन माह अगस्त 2026 के अनुपालन में तथा जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में बुधवार 12 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों कर्तव्यों तथा विभिन्न विधिक प्रावधानों के प्रति जागरूक करना और वर्तमान समय में सामने आ रही विभिन्न कानूनी समस्याओं से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना रहा। शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं एवं आम जनमानस को साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। वर्तमान डिजिटल युग में ऑनलाइन धोखाधड़ी फर्जी लिंक साइबर ठगी सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध तथा व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी अनजान व्यक्तियों के साथ साझा करने से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने तथा ऑनलाइन गतिविधियों में आवश्यक सावधानी एवं सतर्कता बरतने की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त उपस्थित लोगों को एनडीपीएस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए मादक पदार्थों के सेवन अवैध परिवहन एवं व्यापार से होने वाले सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। युवाओं को नशे से दूर रहने तथा अपने साथियों एवं समाज के अन्य युवाओं को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के संबंध में भी जानकारी दी गई। बाल विवाह के दुष्परिणामों बालिकाओं की शिक्षा एवं उनके अधिकारों तथा बाल विवाह रोकने के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। छात्र-छात्राओं को यह भी समझाया गया कि बाल विवाह की जानकारी होने पर संबंधित सक्षम प्राधिकारी को सूचना देकर बाल विवाह रोकने में सहयोग किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई। पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध विधिक सहायता एवं अन्य विधिक सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस अवसर पर रिटेनर अधिवक्ता यशोदा खत्री ने छात्र-छात्राओं एवं आम जनमानस को उपरोक्त विधिक विषयों के संबंध में सरल एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने उपस्थित लोगों की विधिक जिज्ञासाओं का भी समाधान किया। शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य शिक्षकगण छात्र-छात्राएं एवं आम जनमानस उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने तथा समाज में विधिक जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग द्वारा इस प्रकार के विधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनमानस विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी देने तथा न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के प्रति जागरूक करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।