प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। श्री बद्रीनाथ धाम दर्शन के लिए आए कानपुर निवासी एक पर्यटक के लिए 14 अगस्त का दिन उस समय मुश्किल भरा हो गया जब वसुंधरा वॉटरफॉल से आगे घूमते हुए वह नदी के दूसरी ओर चला गया। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ जाने से वापस लौटने का रास्ता बंद हो गया और पर्यटक नदी के दूसरी ओर फंस गया। घटना की जानकारी होटल व्यवसायी मंदीप भंडारी द्वारा कांस्टेबल चंदन नगरकोटी को दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली श्री बद्रीनाथ पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस एवं एसडीआरएफ टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय युवकों ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए फंसे पर्यटक की मदद के लिए मोर्चा संभाल लिया। मोहित बिष्ट किशन बिष्ट नितिन सौरभ भंडारी अंशु बिष्ट धीरेन्द्र सोनू एवं मोहित रावत ने तत्काल लकड़ियों की व्यवस्था कर नदी पर अस्थायी पुल तैयार करने का प्रयास शुरू किया। साथ ही दूसरी ओर फंसे पर्यटक तक खाने-पीने की सामग्री भी पहुंचाई गई ताकि रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक वह सुरक्षित रह सके। कुछ ही समय में कोतवाली श्री बद्रीनाथ पुलिस एवं एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय युवकों के साथ समन्वय बनाते हुए परिस्थितियों का आकलन किया और सुरक्षित तरीके से नदी के दूसरे छोर तक पहुंच बनाई। इसके बाद फंसे हुए पर्यटक को सुरक्षित रेस्क्यू कर नदी के इस छोर पर लाया गया तथा सकुशल कोतवाली श्री बद्रीनाथ पहुंचाया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बना आपसी सामंजस्य एवं सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहा। स्थानीय युवाओं की तत्परता से लेकर पुलिस और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई तक सभी के समन्वित प्रयासों से पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। रेस्क्यू टीम में कांस्टेबल कैलाश कांस्टेबल अनीश उपनिरीक्षक मनोहर कन्याल हेड कांस्टेबल सतेन्द्र रावत कांस्टेबल प्रमोद मठपाल कांस्टेबल प्रदीप लसियाल कांस्टेबल मुकेश कुमार कांस्टेबल धीरज पंवार कांस्टेबल देवन्द्र लाल कांस्टेबल धर्मेन्द्र प्रसाद होमगार्ड हेमन्त सिंह तथा पैरामेडिक राहुल भंडारी एसडीआरएफ शामिल रहे।
