प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। 15 अगस्त 2026। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं हिमपुत्र हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। कुलपति ने विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारियों का अभिवादन किया तथा एनसीसी एवं एनएसएस की टीम का अभिवादन ग्रहण कर कार्यक्रम स्थल पर ध्वजारोहण किया। कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का तिरंगा हमें निरंतर आगे बढ़ने और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संदेश देता है। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए कुलपति ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना का सशक्त प्रतीक है। समारोह में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन भी किया गया। उन्होंने बताया कि 9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जिम्मेदारी अन्य राज्यों की तुलना में और भी महत्वपूर्ण है। राज्य के युवाओं का जोश और जज्बा देश की सेना के लिए महत्वपूर्ण है वहीं उत्तराखंड के जल जंगल और जमीन का संरक्षण भी राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने गढ़वाल की संस्कृति भाषा व्यवहार और आचरण को अपनाने तथा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की अपील की। कुलपति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे विद्यार्थी भारत का गौरव हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्क्रीन टाइम कम करने माता-पिता के साथ संवाद बढ़ाने और परिवार से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के सामने नशे की चुनौती गंभीर है। ऐसे में युवाओं को पूज्य महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए तथा सरकार के प्रयासों में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पिछले 14 महीनों में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। शिक्षकों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि देश हमें बहुत कुछ देता है इसलिए “देश ने हमें क्या दिया” के साथ-साथ “हम देश को क्या दे रहे हैं” की भावना भी विकसित करनी होगी। विद्यार्थी शिक्षक के भरोसे विश्वविद्यालय आते हैं इसलिए शिक्षकों को अपने दायित्व-बोध को समझना आवश्यक है। केवल कक्षाएं लेना ही शिक्षक का दायित्व नहीं है बल्कि विद्यार्थियों की मेंटोरिंग करना उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान में सहयोग करना भी शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अनाथ बच्चों के लिए प्रत्येक पाठ्यक्रम में दो सीट तथा सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए एक सीट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ’ के ध्येय के साथ विश्वविद्यालय आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड के वीर महापुरुषों और स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान श्रीदेव सुमन द्वारा राजशाही के विरुद्ध 84 दिनों तक की गई ऐतिहासिक भूख हड़ताल तथा स्वतंत्रता सेनानी हेमवती नंदन बहुगुणा के राष्ट्र के प्रति योगदान का स्मरण किया। समारोह में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओपी गुसाईं कुलसचिव प्रो.वाई.पी.रैवानी मुख्य नियंता प्रो.दीपक कुमार संकायाध्यक्ष नियुक्ति एवं प्रोन्नति प्रो.मोहन पंवार प्रो.एच.बी.सी.चौहान प्रो.आर.एस.नेगी प्रो.महावीर सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक अधिकारी कर्मचारी एनसीसी एनएसएस एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
