प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। हाट-सियासैण मायापुर पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में फंसे शेष दो श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। पुलिस एसडीआरएफ एनडीआरएफ जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान में पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। इसी क्रम में शनिवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने टनल के भीतर चल रहे बचाव कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए मौके पर तैनात रेस्क्यू टीमों एवं अधिकारियों से अभियान की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। मंत्री मदन कौशिक ने रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो तथा उपलब्ध सभी संसाधनों और मशीनरी का समन्वित एवं प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए। उन्होंने रेस्क्यू टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सभी टीमें पूरी तत्परता और समर्पण के साथ अभियान में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि शेष दो श्रमिकों की खोज एवं सुरक्षित रेस्क्यू के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और अभियान लगातार जारी रहेगा। इस दौरान मंत्री ने हाट-सियासैण मायापुर पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में कार्यरत हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी ई लिमिटेड विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना पीपलकोटी के श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याएं एवं मांगें सुनीं। उन्होंने कहा कि हादसे में प्रभावित श्रमिकों एवं उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से श्रमिकों द्वारा रखी गई मांगों एवं वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। रविवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत विगत दिनों पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे में मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण करके की गई। उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि जनपद चमोली आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जनपद है। जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां भूस्खलन अतिवृष्टि सड़क अवरोध एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं की संभावनाएं बनी रहती हैं। ऐसे में सभी विभागों का आपसी समन्वय एवं किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक में विगत दिनों हुए पीपलकोटी टनल हादसे एवं तमकनाले की घटना के संबंध में संबंधित एजेंसियों टीएचडीसी एनटीपीसी एवं बीआरओ के अधिकारियों से जानकारी लेते हुए विस्तृत समीक्षा की गई। रेस्क्यू अभियान की वर्तमान स्थिति बचाव कार्यों में लगे विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों की भूमिका, उपलब्ध संसाधनों एवं मशीनरी तथा आपसी समन्वय की जानकारी ली गई। साथ ही जनपद में घटित एवं संभावित अन्य आपदाओं तथा उनसे निपटने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की भी विभागवार समीक्षा की गई। इसके पूर्व मंत्री मदन कौशिक ने गोपेश्वर नगर के समीप ब्रह्मसैंण क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने भूस्खलन से प्रभावित एवं संभावित रूप से प्रभावित होने वाले आवासीय क्षेत्र का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली तथा प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा एवं एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल थराली विधायक भूपाल राम टम्टा भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य महिला आयोग चंद्रकला तिवाड़ी उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद हरक सिंह नेगी जिलाधिकारी गौरव कुमार पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश उप वन संरक्षक प्रणाली रमेश परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी लोक निर्माण विभाग अधीक्षण अभियंता राजेश चंद्रा एसडीएम चमोली राजकुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
