प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद की ओर से साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने एवं युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित 15 दिवसीय जल क्रीड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को टिहरी झील में सम्पन्न हुआ। राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान गोवा के सहयोग से आयोजित यह प्रशिक्षण 5 अगस्त 2026 से 19 अगस्त 2026 तक टिहरी झील जिला टिहरी गढ़वाल में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के समापन समारोह का आयोजन 19 अगस्त को टिहरी झील परिसर में किया गया। समारोह में राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान गोवा से प्रतिनियुक्त प्रशिक्षक प्रवीण सिंह रावत एवं विराज शिंदे उपस्थित रहे। इसके साथ ही परिषद के जल क्रीड़ा विशेषज्ञ भूपेन्द्र सिंह ऑफिसर कमांडिंग विपिन मिश्रा डिप्टी कमांडेंट आशुतोष बिष्ट पर्यटन विभाग से प्रतिनिधि मनोज बिजल्वाण एवं दरमियान नेगी ने भी प्रतिभाग कर प्रशिक्षुओं का मनोबल बढ़ाया। इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के सभी जनपदों से चयनित कुल 20 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण को तीन चरणों में संचालित किया गया। प्रथम पांच दिनों में प्रशिक्षुओं को जीवन रक्षक तकनीक और लाइफ सेविंग तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद दूसरे पांच दिनों में पावर बोट हैंडलिंग एवं टिलर तथा अंतिम पांच दिनों में वाटर स्कीइंग का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद की यह पहल राज्य में जल क्रीड़ा पर्यटन को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले प्रशिक्षुओं को राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान गोवा की ओर से प्रमाणित लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। यह लाइसेंस भारत के साथ-साथ सम्पूर्ण मध्य-पूर्व क्षेत्र में भी मान्य है। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद का उद्देश्य इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना और राज्य में साहसिक पर्यटन को विश्व स्तरीय पहचान दिलाना है। इसके साथ ही प्रशिक्षित युवाओं के लिए जल क्रीड़ा क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
