Spread the love

प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। प्रधानमंत्री पोषण योजना की स्वचालित रियलटाइम निगरानी प्रणाली की समीक्षा में खामियां मिलने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को हुई समीक्षा के दौरान छह विद्यालयों द्वारा भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की गलत संख्या की सूचना भेजे जाने का मामला सामने आया। इस पर संबंधित प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने प्रधानमंत्री पोषण योजना की स्वचालित रियलटाइम निगरानी प्रणाली की समीक्षा की। इस प्रणाली के तहत प्रत्येक कार्यदिवस भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की जानकारी संबंधित संस्थाध्यक्ष या पीएम पोषण प्रभारी द्वारा एसएमएस के माध्यम से भेजी जाती है। इसी जानकारी के आधार पर योजना की पारदर्शिता और वास्तविक लाभार्थियों का डाटा तैयार किया जाता है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले के छह विद्यालयों ने पंजीकृत छात्र संख्या के सापेक्ष भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों की गलत संख्या एसएमएस के माध्यम से भेजी। त्रुटिपूर्ण सूचना भेजने वाले विद्यालयों में ऊखीमठ विकासखंड का राजकीय इंटर कॉलेज नारायणकोटि जखोली विकासखंड का जनता जूनियर हाईस्कूल विनोधारा तथा अगस्त्यमुनि विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय सिल्ला प्राथमिक विद्यालय कौशलपुर प्राथमिक विद्यालय बौठा धनपुर और राजकीय इंटर कॉलेज कमसाल शामिल हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री पोषण योजना की नियमित समीक्षा जनपद एवं राज्य स्तर से की जा रही है। उन्होंने सभी खंड एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर उन्हें भविष्य के लिए चेतावनी दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आगे गलत सूचना न भेजी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री पोषण योजना से संबंधित डाटा फीडिंग का कार्य प्रत्येक माह की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए। डाटा फीडिंग की समीक्षा करते हुए नामांकन के सापेक्ष कम उपस्थिति वाले विद्यालयों से भी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि डाटा का अंकन वास्तविक रूप से परोसे गए भोजन के आधार पर ही किया जाए। उप शिक्षा अधिकारियों को योजना की सतत समीक्षा एवं निरीक्षण करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पका-पकाया भोजन बच्चों तक पहुंचाने के लिए जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *