प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। नारायणबगड़ में विगत दो दिनों से आवारा एवं संदिग्ध रूप से आक्रामक कुत्तों द्वारा लोगों को काटे जाने की सूचना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। आमजन एवं पशुधन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर पशुपालन राजस्व वन पुलिस जिला पंचायत एवं डीडीआरएफ की संयुक्त टीमें क्षेत्र में सघन रेस्क्यू, वैक्सीनेशन एवं निगरानी अभियान चला रही हैं। अभियान के तहत नारायणबगड़ बाजार और आसपास के क्षेत्रों में घूम रहे संदिग्ध एवं आक्रामक कुत्तों को रेस्क्यू करने की कार्रवाई की जा रही है। विशेषज्ञ डॉग कैचर टीम भी मौके पर मौजूद है। क्षेत्र में अब तक 20 से अधिक आवारा कुत्तों को एआरवी वैक्सीन लगाया जा चुका है। पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित एवं आसपास के क्षेत्रों में घर-घर जाकर संभावित रूप से प्रभावित पशुओं का वैक्सीनेशन कर रही हैं। पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गायों को भी एआरवी वैक्सीन लगाया जा रहा है। टीमों द्वारा पशुपालकों को आवश्यक सावधानियों और पशुओं की निगरानी के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.देवेन्द्र सिंह बिष्ट ने बताया कि नारायणबगड़ एवं आसपास के क्षेत्रों में पशुपालन विभाग की ओर से दो वैक्सीनेशन एवं राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। शिविरों के साथ ही विभागीय टीमें घर-घर पहुंचकर संभावित रूप से प्रभावित पशुओं की पहचान वैक्सीनेशन एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करा रही हैं। बाजार क्षेत्र और आसपास के इलाकों में अन्य कुत्तों के संक्रमित अथवा आक्रामक होने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। तहसील प्रशासन डीडीआरएफ एवं पुलिस की टीमें क्षेत्र में तैनात हैं और लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यक सहयोग एवं सहायता उपलब्ध करा रही हैं। जिला प्रशासन की ओर से आमजन से अपील की गई है कि संदिग्ध अथवा आक्रामक व्यवहार करने वाले कुत्तों के पास न जाएं और बच्चों को भी ऐसे कुत्तों से दूर रखें। किसी भी संदिग्ध कुत्ते अथवा काटने की घटना की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन पुलिस या संबंधित विभाग को दें।
