प्रदीप कुमार
चंबा-टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के निर्देश पर परियोजना निदेशक ज्योति आईएएस प्रशिक्षु एवं जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान रीप ब्रह्मा कांत भट्ट ने विकासखंड चंबा में क्षेत्र भ्रमण कर रीप परियोजना के तहत संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों सामुदायिक संस्थाओं और व्यावसायिक इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित टीमों को गतिविधियों की गुणवत्ता नियमित संचालन बेहतर प्रबंधन और विस्तार की संभावनाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। क्षेत्र भ्रमण के दौरान अभिनंदन आजीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित फूड कार्ट का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने फूड कार्ट में संचालित गतिविधियों और टिफिन सेवा की जानकारी ली। उन्होंने टिफिन सेवा की गुणवत्ता में सुधार करने तथा गतिविधि को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। इसके बाद एफपीओ कार्यालय और अभिनंदन सीएलएफ कार्यालय का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कार्यालय स्तर पर संचालित गतिविधियों संबंधित कार्यों और आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। अभिनंदन सीएलएफ द्वारा संचालित डेयरी फार्मिंग गतिविधि का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने किए जा रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए गतिविधि को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। क्षेत्र भ्रमण के अगले चरण में हेवलघाटी सीएलएफ द्वारा संचालित वे साइड ईटरी कृषि व्यवसाय केंद्र भंडारगांव ब्लूबेरी फार्मिंग तथा ग्राम गुनोगी में संचालित विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने इन गतिविधियों की वर्तमान स्थिति संचालन व्यवस्था और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। परियोजना निदेशक और जिला परियोजना प्रबंधक ने संबंधित टीमों को आजीविका गतिविधियों की गुणवत्ता बनाए रखने नियमित संचालन और बेहतर प्रबंधन के साथ अधिक से अधिक लाभ अर्जित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से फूड कार्ट की टिफिन सेवा को बेहतर एवं व्यवस्थित बनाने तथा सेवा की गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया गया। इसी क्रम में एफपीओ स्टाफ को निर्देशित किया गया कि 10 सितंबर तक सभी सीएलएफ से अधिक उत्पादन वाली फसलों का डेटा एकत्रित किया जाए। एकत्रित आंकड़ों के आधार पर उत्पादों की उपलब्धता और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एफपीओ के अंतर्गत विभिन्न उत्पादों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उपयुक्त उत्पादों के चयन संग्रहण और आगे की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया। डेयरी फार्मिंग गतिविधि के निरीक्षण के दौरान रानी स्वयं सहायता समूह से संबंधित गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया। परियोजना निदेशक ने रानी स्वयं सहायता समूह को ब्लॉक स्तर पर गोबर एवं प्लांट उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई और व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्वयं सहायता समूह की आजीविका गतिविधियों को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाना है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान विभिन्न गतिविधियों के संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारी ली गई। संबंधित टीमों को कार्यों की नियमित निगरानी बेहतर समन्वय और दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने परियोजना के तहत संचालित आजीविका गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने और समुदाय को बेहतर लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। क्षेत्र भ्रमण एवं निरीक्षण के दौरान ब्लॉक टीम रीप अभिनंदन सीएलएफ टीम और हेवलघाटी सीएलएफ टीम मौजूद रही।
