प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को मायापुर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बहादराबाद का औचक निरीक्षण कर कार्यालय की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति का अवलोकन किया। परिसर में उगी घास एवं झाड़ियों की कटान न होने तथा समुचित स्वच्छता व्यवस्था नहीं पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने परिसर की तत्काल साफ-सफाई कराने घास एवं झाड़ियों की कटान सुनिश्चित करने तथा कार्यालय को व्यवस्थित एवं साफ-सुथरा बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय का वातावरण ऐसा होना चाहिए जिससे आमजन को बेहतर सुविधा और सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा के अधिकार से संबंधित सभी मामलों का निस्तारण पूर्ण पारदर्शिता संवेदनशीलता और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि पात्र बच्चों को शिक्षा का अधिकार बिना किसी भेदभाव और अनावश्यक विलंब के उपलब्ध हो। उन्होंने कार्यालय में उपस्थित पंजिका का भी अवलोकन किया तथा सभी कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन कुशलता एवं पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पत्रावलियों का रख-रखाव व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में प्रस्तावित पुस्तकालय स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय की स्थापना की तैयारियों की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र विकसित करने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों को अध्ययन और ज्ञानवर्धन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि खंड विकास कार्यालय परिसर में जीर्ण-शीर्ण भवन के स्थान पर पुस्तकालय का निर्माण प्रस्तावित है। भवन को निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। पुस्तकालय के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम द्वारा 284.33 लाख रुपये का आगणन प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे स्वीकृति के लिए शासन को प्रेषित किया गया है। अभी तक इसकी स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि इस संबंध में शासन स्तर पर पत्राचार किया जाए ताकि जल्द से जल्द धनराशि स्वीकृत हो सके और पुस्तकालय निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कार्यालय जनहित से सीधे जुड़े हैं। इसलिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारी अनुशासन और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हरिद्वार में जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का किया औचक निरीक्षण साफ-सफाई पर जताई नाराजगी
