प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने शुक्रवार देर शाम तहसील नैनबाग के अंतर्गत ग्राम मौगी एवं पाब में आयोजित पारंपरिक दुबड़ी लोक पर्व में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों के साथ लोक पर्व की परंपराओं में सहभागिता करते हुए क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति रीति-रिवाज और प्रकृति के प्रति आस्था को करीब से जाना। दुबड़ी लोक पर्व में प्रकृति पूजन की अनूठी परंपरा निभाई जाती है। पर्व के अवसर पर ग्रामीण सार्वजनिक स्थान पंचायत चौक पर एकत्रित होकर एक बड़ा डंडा गाड़ते हैं। इसके बाद ग्रामीण अपने खेतों में उगाई जा रही नई फसल एवं करीब 12 प्रकार के अनाजों के पौधों की पत्तियां लेकर आते हैं और उन्हें डंडे के चारों ओर सजाया जाता है। इस प्रकार फसल की पत्तियों से सजे डंडे को ‘दुबड़ी’ कहा जाता है। इसके बाद गांव की महिलाएं सामूहिक रूप से दुबड़ी स्थल पर एकत्रित होकर घर में तैयार किए गए पारंपरिक पकवान दूध मक्खन आदि अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं। इस दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन के बीच ग्रामीण स्थानीय पारंपरिक परिधानों में उत्सव में शामिल होते हैं। देर रात तक चलने वाला यह लोक पर्व ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने की भावना को दर्शाता है। अपर जिलाधिकारी ने लोक पर्व में प्रतिभाग करते हुए ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोक परंपराएं यहां की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों परंपराओं और प्रकृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्थानीय संस्कृति एवं पारंपरिक आयोजनों के संरक्षण और संवर्धन पर भी जोर दिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों द्वारा रखी गई समस्याओं के संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए नियमानुसार शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्रामीण जनप्रतिनिधि संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
