प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं एवं महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरसेटी रुद्रप्रयाग को अब अपना भवन मिल गया है। करीब 5 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से निर्मित संस्थान के नए भवन में प्रशिक्षणार्थियों की सुविधा और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आधुनिक एवं उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अपने भवन में प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रशिक्षार्थियों के रहने खाने-पीने और व्यावहारिक प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था भी की गई है। नवनिर्मित भवन में प्रशिक्षणार्थियों के लिए कंप्यूटर लैब वर्कशॉप दो डॉरमेट्री हॉल किचन तथा उच्च कोटि के क्लासरूम सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले करीब 70 प्रशिक्षार्थियों के लिए निःशुल्क रहने भोजन एवं पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से प्रशिक्षण लेने आने वाले युवाओं एवं महिलाओं को काफी सुविधा मिल रही है। प्रशिक्षण के दौरान आवास और भोजन की चिंता से मुक्त होकर वे अपने प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि नवनिर्मित भवन का निर्माण ग्रामीण निर्माण विभाग आरडब्ल्यूडी द्वारा किया गया है। भवन निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से भूमि उपलब्ध कराई गई जबकि भारतीय स्टेट बैंक द्वारा भवन निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं एवं महिलाओं को उनकी रुचि और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि संस्थान में विभिन्न प्रकार के ईडीपी यानी उद्यमिता विकास कार्यक्रम एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं दी जाती बल्कि उन्हें व्यवसाय शुरू करने बाजार की समझ विकसित करने वित्तीय प्रबंधन उत्पाद की गुणवत्ता विपणन एवं उद्यम संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जाती है। संस्थान द्वारा अब तक विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों को अनेक प्रकार के स्वरोजगार से जुड़े पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। संस्थान के नए भवन में उपलब्ध सुविधाओं से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। कंप्यूटर लैब के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को डिजिटल एवं कंप्यूटर संबंधी जानकारी दी जा रही है, जबकि वर्कशॉप में विभिन्न ट्रेड से जुड़े व्यावहारिक प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। डॉरमेट्री हॉल में प्रशिक्षणार्थियों के ठहरने की व्यवस्था होने से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभागियों को विशेष लाभ मिल रहा है। आरसेटी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को अपने हुनर के आधार पर स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। संस्थान द्वारा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों एवं बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि आरसेटी के नए भवन में प्रशिक्षण लेने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि संस्थान में प्रशिक्षण के साथ-साथ रहने और भोजन की निःशुल्क सुविधा मिलने से उन्हें काफी सहूलियत हो रही है। प्रशिक्षार्थियों ने बताया कि संस्थान में रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं जिससे उन्हें अपने हुनर को विकसित करने और भविष्य में स्वयं का रोजगार शुरू करने की दिशा में आवश्यक मार्गदर्शन मिल रहा है। प्रशिक्षार्थियों ने संस्थान में उपलब्ध कंप्यूटर लैब वर्कशॉप रहने एवं भोजन की सुविधा को उपयोगी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें व्यावहारिक जानकारी भी दी जा रही है। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हो रही है और वे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपने स्तर पर रोजगार अथवा स्वरोजगार शुरू करने के लिए तैयार हो रहे हैं।
