प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास निधि तथा उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना के अंतर्गत प्रतापनगर विकासखंड में स्वायत्त सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित विभिन्न ग्रामीण उद्यमों का परियोजना निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ज्योति द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला समूहों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों की प्रगति आय एवं संचालन व्यवस्था की जानकारी लेते हुए संबंधित कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परियोजना निदेशक ने उड़ान स्वायत्त सहकारी समिति मोटणा में संचालित महिला समूह आधारित मुर्गीपालन इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से उद्यम की वर्तमान स्थिति उत्पादन आय एवं भविष्य की आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने उद्यम को अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उड़ान स्वायत्त सहकारी समिति ओखला में निर्माणाधीन संग्रहण केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कार्य को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्नति स्वायत्त सहकारिता ओनाल गांव में संचालित धूप-अगरबत्ती निर्माण इकाई का निरीक्षण करते हुए परियोजना निदेशक ने उत्पादों की गुणवत्ता उत्पादन एवं बिक्री की जानकारी ली तथा समिति के अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने उद्यम की बिक्री एवं आय में वृद्धि के लिए स्थानीय मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा विपणन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं को धूप अगरबत्ती सुगंधित कप एवं दीपक आदि उत्पादों का उत्पादन मांग के अनुरूप बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। मिलन स्वायत्त सहकारिता पनियाला में संचालित तैयार वस्त्र विक्रय केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बिक्री एवं संचालन से संबंधित जानकारी ली। साथ ही प्रस्तावित संग्रहण केंद्र के लिए चयनित भूमि का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उड़ान स्वायत्त सहकारी समिति लंबगांव में संचालित भोजनालय का निरीक्षण करते हुए परियोजना निदेशक ने अभिलेखों एवं संचालन व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बरसात के मौसम में ग्राहकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तंबू अथवा छाजन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता की सराहना करते हुए स्वच्छता एवं गुणवत्ता के मानकों को निरंतर बनाए रखने पर जोर दिया। इसके उपरांत शक्ति स्वायत्त सहकारिता माजफ में संचालित दुग्ध डेयरी इकाई का निरीक्षण किया गया। परियोजना निदेशक ने डेयरी गतिविधियों की प्रगति समूह की महिलाओं की आय एवं उद्यम के संचालन की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत विकासखंड प्रतापनगर में खंड विकास अधिकारी जिला परियोजना प्रबंधक एवं विकासखंड स्तर के परियोजना कार्मिकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। परियोजना निदेशक ने परियोजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए स्वायत्त सहकारी समितियों एवं महिला समूहों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि संचालित उद्यमों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं स्थायी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही समूहों की आय में वृद्धि, उत्पादों के बेहतर विपणन एवं बाजार से प्रभावी जुड़ाव तथा अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्यमों का उद्देश्य केवल गतिविधियों का संचालन नहीं बल्कि महिला समूहों की आय में स्थायी वृद्धि और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन सुनिश्चित करना होना चाहिए। इसके लिए संबंधित कार्मिक नियमित रूप से उद्यमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान खंड विकास अधिकारी श्रव्या जिला परियोजना प्रबंधक ब्रह्मकान्त भट्ट आजीविका समन्वयक विजयलक्ष्मी कृषि एवं पशुपालन सहायक अरुण कुकरेती सहित स्वायत्त सहकारी समितियों के कार्मिक एवं समूह सदस्य उपस्थित रहे।
