बेस चिकित्सालय में 8.49 लाख से अधिक मरीजों ने कराया इलाज मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रयासों का मिला लाभ
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से सम्बद्ध बेस चिकित्सालय में पिछले सालों की तुलना चिकित्सकीय सुविधाएं एवं स्थाई डॉक्टर की तैनाती से इलाज के लिए मरीजों की सख्या में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है।जिससे विगत साढ़े चार सालों में बेस चिकित्सालय में ओपीडी में 8 लाख 49 हजार 201 मरीज इलाज कराने पहुंचे है। प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रयासों से लगातार बेस चिकित्सालय में चिकित्सकीय उपकरण,अत्याधुनिक मशीनों के साथ ही डॉक्टरों से लेकर तमाम सुविधाएं बढ़ाने के जो प्रयास किये है,उससे बेस चिकित्सालय में इलाज कराने के लिए मरीजों का विश्वास बढ़ा है। यहां गढ़वाल भर से हर दिन 700-950 तक मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते है।विदित है कि बेस चिकित्सालय में स्त्री रोग विभाग,हड्डी रोग,ईएनटी,नेत्र रोग,जनरल मेडिसिन,बाल रोग,श्वास रोग,त्वचा रोग,जनरल सर्जरी,मनोरोग विभाग,कैंसर विभाग,डेंटल विभाग विभागों की ओपीडी के साथ ही जनता की सुविधा के लिए हर माह में एक या दो दिन पैलिएटिव केयर एवं कार्डियो ओपीडी संचालित होती है। जहां गढ़वाल भर की जनता इलाज के लिए पहुंचती है। इसके साथ ही डायलिसिस,सीटी स्कैन,एमआरआई,अल्ट्रासाउंड,ब्लड़ संबंधी समस्त जांचे,पीएमआर,ब्लड़ बैंक,प्रधानमंत्री जन औषधी केन्द्र जैसी तमाम सुविधाएं विद्यमान है। जबकि वेंटीलेटर युक्त आईसीयू,एनेस्थिसिया आईसीयू,नीक्कू वार्ड की बेहतर सुविधा है। जहां कई मरीज व नवजात शिशु इलाज कराकर स्वस्थ्य होते है।बता दें कि बेस चिकित्सालय में वर्ष 2021 में एक साल में इलाज के लिए 1 लाख 21 हजार 797 मरीज इलाज के लिए पहुंचे है। जबकि वर्ष 2022 में एक लाख 97 हजार 370 मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ। वर्ष 2023 में एक साल में दो लाख 9 हजार 624 मरीज इलाज कराने पहुंचे तो वर्ष 2024 में 2 लाख 18 हजार 446 मरीज इलाज हेतु पहुंचे। वर्ष 2025 में 22 जून तक अभी तक 1 लाख 1 हजार 964 मरीज ओपीडी में डॉक्टरों से इलाज कराने पहुंच चुके है।मेडिकल रिकार्ड विभाग के प्रभारी अनिल उनियाल ने बताया कि ओपीडी में डॉक्टरों से इलाज कराने के लिए मरीजों में इजाफा हुआ है। ओपीडी स्तर पर कई मरीज अपनी जांचों से लेकर तमाम दवा एवं डॉक्टरी परामर्श लेने पहुंचते है। मेडिकल रिकार्ड के अनुसार 8 लाख 49 हजार 201 मरीज ओपीडी में विगत साढ़े चार साल में पहुंचे है।मरीजों के पंजीकरण के लिए दो काउंटर के साथ चार कर्मी तैनात किये गये है। बेस चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है,जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण किया गया है। इसके परिणामस्वरूप अस्पताल में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में सभी जरूरी उपकरण,बेड और जांच सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई है। मरीजों और उनके तीमारदारों को सहूलियत मिले,इसके लिए अलग-अलग काउंटर,प्रतीक्षालय और दवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। सरकार का लक्ष्य है कि पहाड़ या मैदान,हर स्थान के नागरिकों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएँ मिलें,और इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।डॉ.धन सिंह रावत,चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री,उत्तराखंड सरकार।
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बेस चिकित्सालय में 8.49 लाख से अधिक मरीजों ने कराया इलाज मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रयासों का मिला लाभ
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से सम्बद्ध बेस चिकित्सालय में पिछले सालों की तुलना चिकित्सकीय सुविधाएं एवं स्थाई डॉक्टर की तैनाती से इलाज के लिए मरीजों की सख्या में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है।जिससे विगत साढ़े चार सालों में बेस चिकित्सालय में ओपीडी में 8 लाख 49 हजार 201 मरीज इलाज कराने पहुंचे है। प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के प्रयासों से लगातार बेस चिकित्सालय में चिकित्सकीय उपकरण,अत्याधुनिक मशीनों के साथ ही डॉक्टरों से लेकर तमाम सुविधाएं बढ़ाने के जो प्रयास किये है,उससे बेस चिकित्सालय में इलाज कराने के लिए मरीजों का विश्वास बढ़ा है। यहां गढ़वाल भर से हर दिन 700-950 तक मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते है।विदित है कि बेस चिकित्सालय में स्त्री रोग विभाग,हड्डी रोग,ईएनटी,नेत्र रोग,जनरल मेडिसिन,बाल रोग,श्वास रोग,त्वचा रोग,जनरल सर्जरी,मनोरोग विभाग,कैंसर विभाग,डेंटल विभाग विभागों की ओपीडी के साथ ही जनता की सुविधा के लिए हर माह में एक या दो दिन पैलिएटिव केयर एवं कार्डियो ओपीडी संचालित होती है। जहां गढ़वाल भर की जनता इलाज के लिए पहुंचती है। इसके साथ ही डायलिसिस,सीटी स्कैन,एमआरआई,अल्ट्रासाउंड,ब्लड़ संबंधी समस्त जांचे,पीएमआर,ब्लड़ बैंक,प्रधानमंत्री जन औषधी केन्द्र जैसी तमाम सुविधाएं विद्यमान है। जबकि वेंटीलेटर युक्त आईसीयू,एनेस्थिसिया आईसीयू,नीक्कू वार्ड की बेहतर सुविधा है। जहां कई मरीज व नवजात शिशु इलाज कराकर स्वस्थ्य होते है।बता दें कि बेस चिकित्सालय में वर्ष 2021 में एक साल में इलाज के लिए 1 लाख 21 हजार 797 मरीज इलाज के लिए पहुंचे है। जबकि वर्ष 2022 में एक लाख 97 हजार 370 मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ। वर्ष 2023 में एक साल में दो लाख 9 हजार 624 मरीज इलाज कराने पहुंचे तो वर्ष 2024 में 2 लाख 18 हजार 446 मरीज इलाज हेतु पहुंचे। वर्ष 2025 में 22 जून तक अभी तक 1 लाख 1 हजार 964 मरीज ओपीडी में डॉक्टरों से इलाज कराने पहुंच चुके है।मेडिकल रिकार्ड विभाग के प्रभारी अनिल उनियाल ने बताया कि ओपीडी में डॉक्टरों से इलाज कराने के लिए मरीजों में इजाफा हुआ है। ओपीडी स्तर पर कई मरीज अपनी जांचों से लेकर तमाम दवा एवं डॉक्टरी परामर्श लेने पहुंचते है। मेडिकल रिकार्ड के अनुसार 8 लाख 49 हजार 201 मरीज ओपीडी में विगत साढ़े चार साल में पहुंचे है।मरीजों के पंजीकरण के लिए दो काउंटर के साथ चार कर्मी तैनात किये गये है। बेस चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है,जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण किया गया है। इसके परिणामस्वरूप अस्पताल में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में सभी जरूरी उपकरण,बेड और जांच सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई है। मरीजों और उनके तीमारदारों को सहूलियत मिले,इसके लिए अलग-अलग काउंटर,प्रतीक्षालय और दवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। सरकार का लक्ष्य है कि पहाड़ या मैदान,हर स्थान के नागरिकों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएँ मिलें,और इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।डॉ.धन सिंह रावत,चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री,उत्तराखंड सरकार।