प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। राजधानी देहरादून के सुनियोजित विकास के साथ शहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक ट्रस्ट इंटेक द्रोणा फाउंडेशन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि विकास और विरासत एक-दूसरे के पूरक हैं प्रतिस्पर्धी नहीं। देहरादून का विकास केवल आधुनिक सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि शहर की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। वास्तविक प्रगति वही है, जो आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों का सम्मान करे और ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखे। जिलाधिकारी ने सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में जुटे गैर-सरकारी संगठनों के पदाधिकारियों को हिस्टोरिक सिटी सीरीज-2026 के तहत शहर की विरासतों का पूर्ण विवरण के साथ दस्तावेजीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्टूबर माह में विशेष कार्यशाला आयोजित कर सुझाव लिए जाएं। इसके बाद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों का चयन कर उन्हें शहर की मास्टर प्लान और टाउन प्लानिंग में शामिल किया जाए। जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि चयनित स्थलों के संरक्षण के लिए परामर्शदाता की नियुक्ति कर जल्द से जल्द विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाए। प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि देहरादून की ऐतिहासिक धरोहरें शहर की पहचान और भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत हैं। इनके संरक्षण के लिए प्रशासन विशेषज्ञ संस्थाओं गैर-सरकारी संगठनों और आमजन की सहभागिता से समन्वित प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संरक्षण कार्यों को व्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान इंटेक और द्रोणा फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि शहर का व्यापक भ्रमण कर प्राथमिक स्तर पर 200 ऐतिहासिक परिसंपत्तियों को चिन्हित किया गया है। आगामी माह में आयोजित होने वाली कार्यशाला के बाद इन ऐतिहासिक परिसंपत्तियों के संरक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह जिला पर्यटन विकास अधिकारी जशपाल चौहान द्रोणा फाउंडेशन की डॉ.पारूल एनएचआईयू के प्रबंधक दिव्यांशु सहित टाउन प्लानिंग एवं इंटेक के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
