Spread the love

प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। सेवा संकल्प अभियान 2026 “आंगन का उत्सव” के तहत राजकीय इंटर कॉलेज सुमाड़ी में पोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को किशोरावस्था के दौरान खान-पान स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यशाला में शिक्षक अखिलेश चमोला ने कहा कि किशोरावस्था जीवन का ऐसा पड़ाव है जब शरीर और मस्तिष्क में तेजी से बदलाव होते हैं। ऐसे समय में संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपने भोजन में हरी सब्जियां दालें फल, दूध एवं अन्य पोषक तत्वों को शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पोषण केवल पेट भरने का माध्यम नहीं बल्कि स्वस्थ शरीर और बेहतर भविष्य की आधारशिला है। अखिलेश चमोला ने कहा कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इस तरह के जागरूकता अभियान चलने से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति समझ विकसित होगी। विद्यार्थी स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार और समाज को भी स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आरकेएसके काउंसलर मनमोहन सिंह ने कहा कि पोषण प्रत्येक विद्यार्थी की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी है। पर्याप्त पोषण के अभाव में शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास भी प्रभावित हो सकता है। उन्होंने किशोर-किशोरियों को संतुलित आहार के साथ नियमित दिनचर्या और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई रखने स्वच्छ सैनिटरी उत्पादों के इस्तेमाल और उनके उचित निस्तारण की जानकारी दी गई। साथ ही मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी पर खुलकर बात करने और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न सवाल भी पूछे। विशेषज्ञों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों के सवालों का सरल भाषा में जवाब देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस दौरान किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों स्वस्थ खान-पान तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व पर भी जानकारी दी गई। कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों से स्वस्थ खान-पान स्वच्छता और बेहतर जीवनशैली को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया। अधिकारियों और शिक्षकों ने कहा कि किशोरावस्था में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता भविष्य में स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव तैयार करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *