प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिला उद्योग केंद्र हरिद्वार के तत्वावधान में पॉलिटेक्निक कॉलेज सिडकुल हरिद्वार में विद्यार्थियों को स्वरोजगार उद्यमिता एवं व्यवसाय स्थापना के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल ट्रेड के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र हरिद्वार से मैनेजर चन्द्र मोहन एवं सहायक प्रबंधक दिनेश चन्द्र आर्य पंजाब नेशनल बैंक से शाखा प्रबंधक रचित तथा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना से योगेंद्र चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को अपनी शैक्षिक योग्यता तकनीकी दक्षता एवं कौशल के अनुरूप स्वयं का उद्यम स्थापित करने तथा रोजगार प्राप्तकर्ता के साथ-साथ रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को उद्यम स्थापना की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए व्यवसाय के चयन परियोजना प्रस्ताव तैयार करने बैंक ऋण प्राप्त करने आवश्यक औपचारिकताओं तथा शासकीय योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय सहायता एवं अनुदान व सब्सिडी के संबंध में विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित अन्य प्रासंगिक योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधि ने विद्यार्थियों को बैंकिंग व्यवस्था ऋण प्रक्रिया वित्तीय अनुशासन ऋण प्रबंधन एवं उद्यम स्थापना में बैंक की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी उद्यम की सफलता के लिए व्यवसाय की व्यवहार्यता उचित वित्तीय नियोजन एवं बैंकिंग प्रक्रिया की समझ आवश्यक है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को उत्पादों को बाजारोन्मुख बनाने के लिए ब्रांडिंग पैकेजिंग उत्पाद प्रस्तुतीकरण प्रचार-प्रसार तथा डिजिटल एवं ऑनलाइन मंचों के माध्यम से विपणन की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के साथ प्रभावी ब्रांडिंग एवं आकर्षक पैकेजिंग अपनाकर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है तथा डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर अपने व्यवसाय को प्रदेश एवं देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी शिक्षा एवं कौशल केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि स्वयं का उद्यम स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का भी सशक्त माध्यम है। युवाओं को उपलब्ध शासकीय योजनाओं बैंकिंग सुविधाओं एवं तकनीकी कौशल का समुचित उपयोग करते हुए स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ उनमें उद्यमशीलता की भावना विकसित करना स्वरोजगार के अवसरों से परिचित कराना तथा आत्मनिर्भर एवं रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उद्यमिता एवं स्वरोजगार से संबंधित विभिन्न विषयों पर उत्साहपूर्वक जानकारी प्राप्त की।
