प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय के ओपीडी परिसर में आंदोलन कर रहे पैरामेडिकल संवर्ग के इंटर्न से मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं चिकित्सा अधीक्षक ने वार्ता की। अधिकारियों ने छात्रों की मांगों और वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्हें धरना समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्रकरण निदेशालय और शासन को पूर्व से ही अग्रसारित है तथा इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई निदेशालय और शासन स्तर से की जानी है। चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने धरना कर रहे पैरामेडिकल इंटर्न को उच्च स्तर पर भेजे गए पत्रों की जानकारी दी। साथ ही निदेशक चिकित्सा शिक्षा द्वारा प्राचार्य को प्रेषित पत्र की जानकारी से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पैरामेडिकल इंटर्न की मांगों को उच्च स्तर पर प्रेषित कर दिया गया है। इसे देखते हुए उन्होंने इंटर्न से अपना धरना समाप्त कर कार्यों में वापस लौटने की अपील की। प्राचार्य डॉ.रावत ने कहा कि अस्पताल परिसर में धरना होने से मरीजों और अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। बेस चिकित्सालय में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं को सुचारु बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पैरामेडिकल इंटर्न से अपील की कि अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसका सभी ध्यान रखें। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एएन पांडेय ने छात्रों से कहा कि वर्तमान समय में पैरामेडिकल इंटर्न से जुड़े उनके जरूरी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इंटर्नशिप पैरामेडिकल प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए छात्रों को अपनी शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संबंधी जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में समय लगता है। ऐसे में पैरामेडिकल इंटर्न को धैर्य रखते हुए कार्रवाई का इंतजार करना चाहिए तथा धरना समाप्त कर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में सहयोग देना चाहिए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने पैरामेडिकल इंटर्न को भरोसा दिलाया कि उनकी ओर से उठाए गए विषय को उच्च स्तर पर प्रेषित कर दिया गया है। अधिकारियों ने पैरामेडिकल इंटर्न से अपील की कि अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से रखते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों के हित का भी ध्यान रखें। बैठक में आंदोलित पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं ने भी अपनी बात अधिकारियों के समक्ष रखी और मामले को लेकर चर्चा की।
