प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुंभ मेला-2027 के लिए संचालित अवस्थापना विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा करने के लिए मेला प्रशासन ने निगरानी और समीक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सीसीआर में कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मेलाधिकारी सोनिका ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को संसाधन बढ़ाने तथा बड़ी परियोजनाओं में रात की पाली में भी नियमित रूप से कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि अब कुंभ मेला के कार्यों की प्रगति की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। रात की पाली में किए जा रहे कार्यों की निगरानी के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मेला प्रशासन के अधिकारी भी औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों की प्रगति तथा कार्यस्थलों पर उपलब्ध मानव संसाधन और अन्य संसाधनों की जानकारी 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष के माध्यम से ली जाएगी। कार्यदायी संस्थाओं को प्रतिदिन शिफ्टवार कार्य की प्रगति और कार्यस्थल पर तैनात संसाधनों की जानकारी नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध करानी होगी। कार्यों की दैनिक समीक्षा की जाएगी और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने की स्थिति में संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। मेलाधिकारी ने सभी कार्यस्थलों पर परियोजना से संबंधित आवश्यक जानकारी वाले सूचना बोर्ड लगाने के पूर्व में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बोर्ड ऐसे स्थान पर लगाए जाएं जहां आमजन को संबंधित योजना की जानकारी आसानी से मिल सके। बोर्ड पर परियोजना का नाम कार्य की लागत कार्यदायी संस्था संबंधित अधिकारियों के नाम एवं दूरभाष नंबर तथा अनुबंध के अनुसार कार्य पूर्ण होने की निर्धारित तिथि का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों को भी परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध रहेगी। निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को भी अपने-अपने क्षेत्र में संचालित कार्यों की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि किसी स्तर पर भ्रम या संवादहीनता की स्थिति उत्पन्न न हो। मेलाधिकारी ने थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच के लिए नामित एजेंसियों को नियमित रूप से कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने के साथ निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्य की प्रगति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता जांच केवल कार्य पूर्ण होने के बाद की प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए बल्कि कार्य के प्रत्येक महत्वपूर्ण चरण में प्रभावी रूप से की जाए। बैठक में कुंभ मेला के विभिन्न अवस्थापना विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मेलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा होगी। जिन परियोजनाओं में कार्य की गति बढ़ाने की आवश्यकता है वहां अतिरिक्त मानव संसाधन और मशीनरी की व्यवस्था की जाए। बड़ी परियोजनाओं में आवश्यकता के अनुसार दिन और रात दोनों पालियों में कार्य कराते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा किया जाए। मेलाधिकारी ने यूआईआईडीबी द्वारा संचालित रोड़ी बेलवाला पुनर्विकास हर की पैड़ी पुनर्विकास और एडमिन रोड से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को इन कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला से जुड़े इन महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की भी 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इसके लिए संबंधित एजेंसियां कार्यस्थलों पर पर्याप्त मानव संसाधन और मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए दिन-रात की पालियों में कार्य करें। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला की तैयारियों के लिए उपलब्ध समय का प्रभावी उपयोग किया जाना आवश्यक है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह यूपीडीसीसी के महाप्रबंधक मनोज कुमार अधीक्षण अभियंता टेक्निकल सेल मनोज भट्ट अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीपी सिंह सहित सभी कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंता और अन्य अभियंता उपस्थित रहे।
