प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत हरिद्वार पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से तीन महीने से लापता आठवीं कक्षा के 14 वर्षीय छात्र ऋतिक को तलाश कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया। बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजनों ने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया। 5 अक्टूबर 2026 का दिन भिलाई दुर्ग छत्तीसगढ़ निवासी उदयपाल यादव और उनके परिवार के लिए उस समय खुशियां लेकर आया जब तीन महीने से लापता उनका इकलौता पुत्र ऋतिक सकुशल मिल गया। ऋतिक कक्षा आठ का छात्र है। पुलिस के अनुसार एएचटीयू हरिद्वार ने बालक को हर की पौड़ी क्षेत्र से अत्यंत दयनीय अवस्था में रेस्क्यू किया था। बालक चार दिन पहले रेल के माध्यम से छत्तीसगढ़ से लखनऊ, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब होते हुए हरिद्वार पहुंचा था। बालक के पिता उदय पाल यादव ने बताया कि ऋतिक 30 जून 2026 को विद्यालय जाने के लिए घर से निकला था लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजनों ने बालक की हर संभव स्थान पर तलाश की। इसके संबंध में बालक के पिता ने थाना जामुल दुर्ग भिलाई छत्तीसगढ़ में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पिता ने बताया कि वह तीन महीने तक अपने पुत्र की तलाश में जुटे रहे और इस दौरान अपनी नौकरी पर भी नहीं गए। जहां से जैसी जानकारी मिलती वह उसी के अनुसार बालक की तलाश करते रहे लेकिन कहीं से भी ऋतिक की कोई सूचना नहीं मिल सकी। 3 अक्टूबर 2026 को एएचटीयू हरिद्वार द्वारा बालक ऋतिक के संबंध में उसके परिजनों को जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पिता उदय पाल यादव तत्काल बालक को लेने के लिए घर से हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। सभी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई और काउंसलिंग के बाद बाल कल्याण समिति हरिद्वार के अध्यक्ष के आदेश के अनुसार बालक ऋतिक को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। तीन महीने बाद अपने इकलौते पुत्र से सकुशल मिलने पर बालक के पिता ने हरिद्वार पुलिस का हार्दिक आभार व्यक्त किया। एएचटीयू हरिद्वार की टीम में उपनिरीक्षक राखी रावत हेड कांस्टेबल राकेश कुमार हेड कांस्टेबल बिना गोदियाल कांस्टेबल मुकेश कुमार कांस्टेबल दीपक चन्द और कांस्टेबल दीपक डबराल शामिल रहे।
