प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद चमोली की तीनों विधानसभा क्षेत्रों बदरीनाथ थराली और कर्णप्रयाग में मतदाता सूची को शुद्ध पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए घर-घर सत्यापन अभियान तेज कर दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया जा रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के दौरान हटाई गई मतदाता प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन करने के साथ ही पात्र नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अभियान के तहत विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची के प्रकाशन और अवलोकन के साथ ही घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र थराली के बूथ संख्या 189 पर मतदाता सूची का अवलोकन किया गया। वहीं भाग संख्या 187 खेता देवाल में भी सत्यापन संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं। इसके अतिरिक्त कंडवालगांव बेडूला और रैंस में घरों का भ्रमण कर मतदाताओं से संपर्क किया गया। भाग संख्या 141 देवराड़ा बूथ संख्या 171 बूंगा और बूथ संख्या 146 बैनोली सहित अन्य स्थानों पर भी बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन कार्य किया जा रहा है। सत्यापन अभियान के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हटाई गई प्रविष्टियों की वास्तविक स्थिति की जांच करने के साथ ही मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर कर इसकी शुद्धता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत युवाओं और पहली बार मतदान करने के योग्य नागरिकों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए नाम जोड़ने हेतु फार्म-6 नाम हटाने के लिए फार्म-7 तथा नाम पता और अन्य विवरणों में संशोधन के लिए फार्म-8 भरने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। जनपद में मतदाता जागरूकता के लिए स्वीप कार्यक्रम के तहत भी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रमों तथा प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को मतदान के महत्व लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के साथ ही प्रत्येक पात्र नागरिक की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों को सत्यापन कार्य गंभीरता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
