प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन देहरादून ने रात्रि चौपाल की पहल शुरू की है। जन सेवा जन विश्वास और जन भागीदारी की भावना के अनुरूप शुरू की गई इस पहल के तहत प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं तथा स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को समझकर समाधान की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इसी क्रम में 21 अक्टूबर 2026 को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा मालदेवता में पहली रात्रि चौपाल आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। चौपाल में ग्रामीणों ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर और टूटी पुलिया के साथ विद्यालय के जर्जर भवन तथा धान की फसल में रोग और खरपतवार से हो रहे नुकसान की समस्याएं उठाईं। इसके अलावा जंगली जानवरों से खेती को हो रहे नुकसान और सड़क निर्माण के कारण जल निकासी बाधित होने तथा विद्यालय में पेयजल की समस्या से भी प्रशासन को अवगत कराया गया। मालदेवता निवासी बच्चन सिंह कठैत ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को मुख्य विकास अधिकारी के सामने रखा। उन्होंने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर और पुलिया की मरम्मत के साथ विद्यालय के जर्जर भवन तथा धान की फसल में रोग और खरपतवार से हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को नहर तथा क्षतिग्रस्त पुलिया की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को धान की फसल में रोग और खरपतवार से हो रहे नुकसान का परीक्षण कर उचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा। खरपतवार की पहचान और उसके प्रभाव का आकलन करने के लिए नमूना पंतनगर भेजने के निर्देश भी दिए गए ताकि समस्या के कारणों का पता लगाकर किसानों को उचित तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके। विद्यालय के जर्जर भवन के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भवन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और जल्द ही धनराशि उपलब्ध होने की संभावना है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय भवन की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया। क्षेत्रवासी मनोज पंवार ने अपने घर के निकट सड़क निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित होने और जलभराव की समस्या उठाई। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को आपसी समन्वय से जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान सरखेत ने ग्रामीण विद्यालय में पेयजल की समस्या उठाई। मुख्य विकास अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही बजट की स्वीकृति प्रदान की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या भी रखी। इस पर संबंधित अधिकारियों को नहर की स्थिति का परीक्षण कर सिंचाई व्यवस्था सुचारू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। पेयजल लाइन में रिसाव की समस्या सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारी को तत्काल मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चौपाल के दौरान मालदेवता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण का विषय भी सामने आया। इस संबंध में बताया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ए श्रेणी से बी श्रेणी में उच्चीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए और इस संबंध में की गई कार्रवाई से अवगत कराने को कहा। रात्रि चौपाल से पूर्व मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने क्षेत्र में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित राशन की दुकान के साथ निर्माणाधीन पशु केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। जिला प्रशासन की इस पहल के तहत केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों को नजदीक से समझने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत राजकीय विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ स्वास्थ्य संस्थानों तथा पंचायत भवनों और राशन की दुकानों के अलावा जल जीवन मिशन की परियोजनाओं एवं अन्य सरकारी परिसंपत्तियों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाएगी। रात्रि चौपाल में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी दी। इस दौरान ग्रामीणों से फीडबैक लेकर योजनाओं की पहुंच और प्रभाव का आकलन किया गया। कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग ने उपस्थित किसानों को बीज वितरित किए। इसके माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि और बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। चौपाल में स्वच्छता और साफ-सफाई के संबंध में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के साथ सामुदायिक सहभागिता के महत्व से अवगत कराया गया। वहीं स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत संबंधित नोडल अधिकारी ने उपस्थित लोगों को मतदाता जागरूकता के प्रति जागरूक किया। जिला प्रशासन की योजना के अनुसार रात्रि चौपाल के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ पेयजल तथा सड़क और कृषि एवं बागवानी तथा पशुपालन और रोजगार एवं पलायन तथा ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार जैसे विषयों पर ग्रामीणों से खुला संवाद किया जाएगा। ग्राम प्रधानों और शिक्षकों तथा आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से भी स्थानीय समस्याओं और विकास की आवश्यकताओं पर फीडबैक लिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए होमस्टे तथा ग्रामीण पर्यटन और कृषि एवं बागवानी तथा पशुपालन के साथ अन्य स्थानीय व्यवसायों की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहित करना है। रात्रि चौपाल की विशेषता यह है कि अधिकारी गांवों में समय बिताकर वहां की वास्तविक परिस्थितियों और जनसुविधाओं के साथ ग्रामीणों की व्यावहारिक चुनौतियों को समझेंगे। रात्रि प्रवास के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को अधिक सहज और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा। जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा जनसमस्याओं के समाधान और विकास कार्यों की समीक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं और सुविधाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध हो तथा स्थानीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके। रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रायपुर सरोजिनी और ग्राम प्रधान शैलेंद्र चौहान के साथ निदेशक ग्राम विकास अभिकरण विक्रम सिंह तथा जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार और खंड विकास अधिकारी मीनाक्षी बहुगुणा उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल और जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसवंत सिंह चौहान तथा जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम भारती एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल और जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
