प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार 21 अक्टूबर 2026 को चमोली पुलिस ने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस लाइन गोपेश्वर स्थित शहीद स्थल पर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद पुलिसकर्मियों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की वीरता और त्याग को याद किया गया। इसके अतिरिक्त जनपद के सभी थानों और चौकियों में भी शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन वीर पुलिसजनों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद करने का अवसर है जिन्होंने देश की सुरक्षा शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और समाज की सेवा में प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों का त्याग सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी निष्ठा और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देशभर में 154 पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारी एवं कर्मचारी कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। इनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक विनोद कुमार भी शामिल हैं जिन्होंने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। चमोली पुलिस ने सभी वीर शहीदों को नमन करते हुए उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। पुलिस स्मृति दिवस मनाने का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 से जुड़ा है। उस दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में भारत तिब्बत सीमा पर गश्त कर रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 वीर जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं जवानों की शहादत और देशभर में कर्तव्य पालन के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। चमोली पुलिस ने अमर शहीदों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस त्याग और बलिदान को सदैव याद रखने का संकल्प व्यक्त किया।
