प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। बाल विकास विभाग की ओर से सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को बाल अधिकारों व्यक्तिगत सुरक्षा साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में राजकीय पीएम श्री इंटर कॉलेज देवधार ग्वाड़ राजकीय इंटर कॉलेज बैरागना राजकीय जूनियर हाई स्कूल बमियाला राजकीय हाई स्कूल दोगड़ी कांडई और राजकीय इंटर कॉलेज टंगसा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श यानी गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना डरे अपने अभिभावकों या शिक्षकों को इसकी जानकारी दें। साथ ही मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग ऑनलाइन अपराधों से बचाव तथा व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। जिला चिकित्सालय गोपेश्वर से पहुंचे उदय सिंह रावत ने विद्यार्थियों को एचआईवी और एड्स के प्रति जागरूक करते हुए इससे बचाव के उपायों सही जानकारी और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में बताया। वहीं बाल अधिकार एवं संरक्षण के तहत बच्चों को उनके अधिकारों सुरक्षा और सम्मान के महत्व की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के शोषण उत्पीड़न या हिंसा की स्थिति में सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान उन्हें चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और आपातकालीन सहायता नंबर 112 की जानकारी भी दी गई। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता स्वस्थ जीवनशैली तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। बालिकाओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करते हुए नंदा गौरा योजना और उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी प्रदान की गई। बाल विकास विभाग का उद्देश्य सुरक्षित बचपन अभियान के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना उन्हें शोषण एवं अपराधों से बचाव के उपाय बताना और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। इस दौरान जेंडर स्पेशलिस्ट दिव्या रावत केंद्र प्रशासिका रश्मि रावत और जिला चिकित्सालय गोपेश्वर से उदय सिंह रावत सहित संबंधित विद्यालयों के शिक्षकगण उपस्थित रहे।
