प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। बच्चों की सुरक्षा उनके अधिकारों के संरक्षण तथा उन्हें शोषण और अपराधों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार 27 अक्टूबर 2026 को जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल ने मसूरी स्थित विनबर्ग एलन स्कूल में आयोजित जागरूकता शिविर में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 500 विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो अधिनियम व्यक्तिगत सुरक्षा असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस अभियान के अंतर्गत जनपद देहरादून में एक साथ विभिन्न स्थानों पर अनेक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। जिला न्यायाधीश के अतिरिक्त देहरादून मसूरी विकासनगर ऋषिकेश डोईवाला और चकराता सहित जनपद के 30 विभिन्न क्षेत्रों में तैनात न्यायिक अधिकारियों ने अलग-अलग विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को जागरूक किया। इस व्यापक पहल का उद्देश्य बच्चों तक सीधे न्यायिक अधिकारियों की पहुंच सुनिश्चित करना तथा उन्हें अपने अधिकारों सुरक्षा और कानूनी संरक्षण के प्रति सजग एवं सशक्त बनाना है। अभियान की विशेषता यह है कि प्रत्येक विद्यालय में आयोजित शिविर में एक न्यायिक अधिकारी के साथ बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों की टीम भी सहभागिता कर रही है। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन बाल कल्याण समिति किशोर न्याय बोर्ड साइबर सेल विशेष किशोर पुलिस इकाई मनोचिकित्सा विशेषज्ञों विधि विद्यार्थियों और समाजसेवियों को शामिल किया जा रहा है। विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम बाल अधिकारों किशोर न्याय व्यवस्था साइबर अपराधों से बचाव तथा बच्चों के लिए उपलब्ध सहायता और संरक्षण सेवाओं के संबंध में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही पोस्टर बुकलेट और सूचना शिक्षा एवं संचार सामग्री वितरित कर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान 26 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक लगातार जारी रहेगा। इस अवधि में प्रत्येक दिन कई न्यायिक अधिकारी जनपद के विभिन्न विद्यालयों में जाकर जागरूकता शिविरों में प्रतिभाग करेंगे। न्यायिक अधिकारियों और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से अधिकाधिक बच्चों तक पहुंच बनाकर उन्हें सुरक्षित व्यवहार अपने अधिकारों तथा किसी भी अनुचित परिस्थिति में सहायता प्राप्त करने के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून की यह पहल बच्चों के लिए सुरक्षित संवेदनशील और भयमुक्त वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा अपने अधिकारों को जाने अपने विरुद्ध होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचान सके और आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी संकोच के सहायता प्राप्त कर सके। शिविर के आयोजन पर विनबर्ग एलन स्कूल के प्रशासन ने जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल और उपस्थित टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक पहुंचकर उसे अपने अधिकारों व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है। इस अभियान की विशेषता यह है कि न्यायिक अधिकारी स्वयं विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों से संवाद कर रहे हैं तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर उन्हें समग्र जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि कोई भी बच्चा अपने अधिकारों से अनजान न रहे और किसी भी प्रकार के शोषण उत्पीड़न या असुरक्षित परिस्थिति का सामना करने पर भय अथवा संकोच के कारण चुप न रहे। बच्चों को यह विश्वास दिलाना आवश्यक है कि उनकी बात सुनी जाएगी और उन्हें उचित सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित बचपन ही सशक्त समाज और उज्ज्वल राष्ट्र की नींव है।
