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प्रदीप कुमार
थलीसैंण/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान ग्राम सभा शुक्र में महिला मंगल दल की महिलाओं को सांस्कृतिक सामग्री वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने मातृशक्ति के साथ संवाद करते हुए उनके उत्साह और सामाजिक सहभागिता की सराहना की। उन्होंने लोकसंस्कृति तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण के लिए महिला मंगल दलों की ओर से किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि महिला मंगल दल ग्रामीण समाज में लोकसंस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों को सहेजने के साथ ही सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिला मंगल दल गांवों में सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और सामाजिक एकता को मजबूत बनाने के साथ पारंपरिक मूल्यों को जीवंत रखने का कार्य करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को प्रोत्साहित कर सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है ताकि समृद्ध परंपराएं सुरक्षित रहें और नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे। उन्होंने महिला सशक्तीकरण और लोकसंस्कृति के संरक्षण को समाज के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए महिला मंगल दलों के योगदान की सराहना की। इसके साथ ही सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास समिति थलीसैंण की ओर से आयोजित रामलीला कार्यक्रम में भी कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कल देर शाम प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों और उनके जीवन से मिलने वाली प्रेरणा को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा सत्य धर्म और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है। रामलीला हमारी समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि भारतीय संस्कृति संस्कारों और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त मंच भी है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा का पालन करने सत्य के मार्ग पर चलने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। डॉ. रावत ने कहा कि रामलीला जैसे पारंपरिक आयोजन लोक परंपराओं को संरक्षित एवं संवर्धित करने के साथ समाज में आपसी सौहार्द एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत बनाते हैं। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने कहा कि महिला मंगल दलों की गतिविधियां हों या रामलीला जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन ये सभी ग्रामीण समाज की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाते हैं। इन आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं आदर्शों तथा संस्कारों को समझने का अवसर भी प्राप्त होता है। कैबिनेट मंत्री ने लोकसंस्कृति के संरक्षण महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रमों में थलीसैंण मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी और जिला पंचायत सदस्य डॉ. शिवचरण नौटियाल के साथ ब्लॉक प्रमुख अनिल भंडारी कमल रावत सहित अन्य गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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