प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम’ चरण-7 कार्यक्रम के तहत पश्चिम बंगाल से उत्तराखंड के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पर आए प्रतिनिधिमंडल का बहुआयामी अनुभव लगातार जारी है। इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। वहीं मसूरी के केम्पटी स्थित हिमालयन एडवेंचर इंस्टीट्यूट में विभिन्न साहसिक गतिविधियों में भी उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। राजभवन परिसर में आयोजित विशेष संवाद सत्र के दौरान राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल से आए छात्र-छात्राओं शोधार्थियों और संकाय सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने प्रत्येक प्रतिनिधि से व्यक्तिगत रूप से परिचय प्राप्त किया और उनके गृह क्षेत्र तथा उत्तराखंड भ्रमण के अनुभवों के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान राज्यपाल ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की मूल अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति इसकी विविध संस्कृतियों भाषाओं और भौगोलिक विविधताओं में निहित है। जब पश्चिम बंगाल की समृद्ध साहित्यिक एवं बौद्धिक धरोहर और उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक सुंदरता का परस्पर मिलन होता है तो इससे राष्ट्रीय एकता और अखंडता को नई शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि युवा देश के संवाहक हैं। ऐसे अंतरराज्यीय भ्रमण से युवाओं का दृष्टिकोण व्यापक होता है और आपसी समझ मजबूत होती है। उन्होंने प्रतिनिधियों से उत्तराखंड की समृद्ध स्मृतियां और संस्कार अपने साथ लेकर जाने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। संवाद के उपरांत राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल के सभी छात्र-छात्राओं एवं प्रतिनिधियों को स्मृति स्वरूप उपहार भेंट किए। इस दौरान उत्तराखंड में युवा संगम की नोडल एजेंसी हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किया। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधिमंडल के संकाय सदस्यों ने भी राज्यपाल को स्मृति चिह्न प्रदान कर आभार व्यक्त किया। राज्यपाल से मुलाकात के बाद प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक राष्ट्रपति निकेतन अत्याधुनिक संग्रहालय और ऐतिहासिक घुड़साल सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया। वहां तैनात अधिकारियों ने विद्यार्थियों को इन स्थलों के ऐतिहासिक महत्व स्थापत्य कला और समृद्ध विरासत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व प्रतिनिधिमंडल ने मसूरी के केम्पटी स्थित हिमालयन एडवेंचर इंस्टीट्यूट का दौरा किया। यह संस्थान पिछले कई दशकों से युवाओं में साहसिक गतिविधियों और प्रकृति के प्रति प्रेम को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। यहां छात्र-छात्राओं ने रॉक क्लाइंबिंग जिप-लाइन ट्रैकिंग और विभिन्न मनोरंजक खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। संस्थान के संस्थापक एवं राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित पूर्व पुलिस उपमहानिरीक्षक एसपी चमोली नवीन चमोली और चमोली दंपत्ति ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस दौरान एसपी चमोली ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को अनुशासन दृढ़ इच्छाशक्ति और हिमालयी पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया। नोडल अधिकारी प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी ने एसपी चमोली नवीन चमोली और पूरे संस्थान परिवार का बेहतर व्यवस्थाओं एवं प्रेरक संवाद सत्र के लिए आभार व्यक्त किया। इस संपूर्ण यात्रा और आयोजनों को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय और आईआईटी खड़गपुर की फैकल्टी टीमें लगातार समन्वय कर रही हैं। नोडल अधिकारी प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी के साथ फैकल्टी टीम में डॉ. हिमशिखा गुसाईं डॉ. सर्वेश उनियाल और डॉ. नरेंद्र लगातार प्रतिनिधियों के साथ रहकर उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं और व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल से आए आईआईटी खड़गपुर के संकाय सदस्य भी अंतरराज्यीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह भ्रमण प्रतिनिधियों के बीच भाषाई और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के साथ ही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
