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कल्याणेश्वर धर्मशाला में ‘शशांक साधना’ ग्रंथ का विमोचन ज्योतिष और संस्कृत साहित्य को मिला नया आयाम

प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्री कल्याणेश्वर धर्मशाला में रविवार को श्री जयदयाल अग्रवाल संस्कृत महाविद्यालय के प्रवक्ता द्वारिका प्रसाद कप्रवाण द्वारा रचित ज्योतिष संग्रह ग्रंथ ‘शशांक साधना’ का विधिवत विमोचन किया गया। नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल की मेयर आरती भंडारी इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई,जिसके पश्चात विद्वानजनों ने ग्रंथ की उपयोगिता और लेखक की विद्वता पर विचार रखे। ‘शशांक साधना’ को पारंपरिक ज्योतिषीय ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक संदर्भों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण ग्रंथ बताया गया,जो छात्रों,शोधार्थियों और आम पाठकों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।विमोचन समारोह में संस्कृत शिक्षा परिषद उत्तराखण्ड के सचिव वाजश्रवा आर्य,संस्कृत अकादमी हरिद्वार के सचिव,सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा पौड़ी जनपद मनोज कुमार सिमल्टी,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी,रोटरी क्लब श्रीनगर के पूर्व अध्यक्ष दिनेश चंद्र जोशी,श्री जयदयाल अग्रवाल संस्कृत महाविद्यालय के प्रबंधक हरीश अग्रवाल,प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद सकलानी सहित महाविद्यालय के आचार्यगण,छात्र और अनेक अभिभावक उपस्थित रहे।वक्ताओं ने लेखक द्वारिका प्रसाद कप्रवाण की लेखन शैली,ज्योतिषीय पकड़ और समर्पण भाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह ग्रंथ आने वाली पीढ़ियों के लिए पथदर्शक की भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत साहित्य और ज्योतिष शास्त्र को लोकप्रिय बनाने में ऐसे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं।कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि आरती भंडारी ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि नगर में इस प्रकार के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से ज्ञान की परंपरा को नया आयाम मिलता है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर नगर निगम हमेशा ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करता रहेगा।अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया।

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