सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के निर्देश पर जिला सहकारी बैंक हरिद्वार में बड़ी कार्रवाई
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य में सहकारिता क्षेत्र में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक और बड़ी कार्रवाई की गई है।जिला सहकारी बैंक लिमिटेड,हरिद्वार की शाखाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा के पश्चात दो शाखा प्रबंधकों को निलंबित कर दिया गया है,जबकि आठ शाखा प्रबंधकों के वेतन पर रोक लगा दी गई है।यह कार्रवाई आज जिला सहकारी बैंक हरिद्वार के मुख्यालय बी.टी.गंज,रुड़की में अपर निबंधक सहकारिता आनंद ए.डी.शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित शाखा प्रबंधकों की समीक्षा बैठक में की गई। बैठक में विभिन्न शाखाओं की वित्तीय स्थिति,एनपीए की समीक्षा,निक्षेप वृद्धि,ऋण वितरण और अन्य प्रशासनिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।निलंबित शाखा प्रबंधक:बहादराबाद शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक प्रशांत शुक्ला खानपुर शाखा के शाखा प्रबंधक देवनारायण चौधरी वेतन पर रोक जिन शाखा प्रबंधकों की लगी:रुड़की मुख्य शाखा,गणेशपुर,भगवानपुर,झबरेड़ा,लक्सर,खानपुर,राइसी,तेजुपुर बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि:जिन शाखाओं का एनपीए 10% से अधिक है,उनका वेतन रोका जाएगा।आगामी तीन माह में एनपीए को 68 करोड़ से घटाकर 40 करोड़ तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।जिन शाखाओं का डिपॉजिट 10 करोड़ से कम है,उन्हें 20 करोड़ तक ले जाने के निर्देश।सभी शाखाओं को 15 अगस्त तक पैक्स कम्प्यूटरीकरण पूर्ण करने और शाखाओं का सौंदर्यीकरण करने के निर्देश।इस महत्वपूर्ण कार्रवाई पर सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा:प्रदेश में सहकारिता प्रणाली को ईमानदार,पारदर्शी और जनता के हित में कार्यरत बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।लापरवाही और लचर कार्यसंस्कृति को अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो अधिकारी परिणाम देंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा, लेकिन जो अपने कर्तव्यों से विमुख हैं,उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।डॉ.रावत ने स्पष्ट किया कि सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना राज्य सरकार का प्रमुख उद्देश्य है,और इसके लिए हर स्तर पर उत्तरदायित्व तय किया जा रहा है।
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सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के निर्देश पर जिला सहकारी बैंक हरिद्वार में बड़ी कार्रवाई
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य में सहकारिता क्षेत्र में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक और बड़ी कार्रवाई की गई है।जिला सहकारी बैंक लिमिटेड,हरिद्वार की शाखाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा के पश्चात दो शाखा प्रबंधकों को निलंबित कर दिया गया है,जबकि आठ शाखा प्रबंधकों के वेतन पर रोक लगा दी गई है।यह कार्रवाई आज जिला सहकारी बैंक हरिद्वार के मुख्यालय बी.टी.गंज,रुड़की में अपर निबंधक सहकारिता आनंद ए.डी.शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित शाखा प्रबंधकों की समीक्षा बैठक में की गई। बैठक में विभिन्न शाखाओं की वित्तीय स्थिति,एनपीए की समीक्षा,निक्षेप वृद्धि,ऋण वितरण और अन्य प्रशासनिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।निलंबित शाखा प्रबंधक:बहादराबाद शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक प्रशांत शुक्ला खानपुर शाखा के शाखा प्रबंधक देवनारायण चौधरी वेतन पर रोक जिन शाखा प्रबंधकों की लगी:रुड़की मुख्य शाखा,गणेशपुर,भगवानपुर,झबरेड़ा,लक्सर,खानपुर,राइसी,तेजुपुर बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि:जिन शाखाओं का एनपीए 10% से अधिक है,उनका वेतन रोका जाएगा।आगामी तीन माह में एनपीए को 68 करोड़ से घटाकर 40 करोड़ तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।जिन शाखाओं का डिपॉजिट 10 करोड़ से कम है,उन्हें 20 करोड़ तक ले जाने के निर्देश।सभी शाखाओं को 15 अगस्त तक पैक्स कम्प्यूटरीकरण पूर्ण करने और शाखाओं का सौंदर्यीकरण करने के निर्देश।इस महत्वपूर्ण कार्रवाई पर सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा:प्रदेश में सहकारिता प्रणाली को ईमानदार,पारदर्शी और जनता के हित में कार्यरत बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।लापरवाही और लचर कार्यसंस्कृति को अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो अधिकारी परिणाम देंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा, लेकिन जो अपने कर्तव्यों से विमुख हैं,उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।डॉ.रावत ने स्पष्ट किया कि सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना राज्य सरकार का प्रमुख उद्देश्य है,और इसके लिए हर स्तर पर उत्तरदायित्व तय किया जा रहा है।