मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आत्मनिर्भर बनेंगी जनपद की एकल महिलाएं
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।प्रदेश सरकार द्वारा एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की परित्यक्ता,विधवा,तलाकशुदा,परित्यक्त,असहाय तथा आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को स्वयं के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने हेतु आर्थिक सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके निवास क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना एवं उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।योजना की मुख्य विशेषताएं:लाभार्थी महिला की आयु 21 से 50 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।लाभार्थी महिला उत्तराखंड की मूल निवासी एवं स्थानीय होनी चाहिए।योजना के अंतर्गत महिला को अधिकतम ₹2.00 लाख तक का स्वरोजगार प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति होगी।प्रस्तावित परियोजना लागत में विभाग द्वारा 75% तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी जबकि 25% राशि महिला को स्वयं वहन करनी होगी।परियोजना लागत के आधार पर सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाएगी-क्रमशः 50%,30% एवं 20%।महिला द्वारा स्वंय का अंशदान संबंधित बैंक/खाता में निर्धारित प्रतिशत के अनुसार जमा करना अनिवार्य होगा।योजनांतर्गत चयनित क्षेत्रों जैसे-कृषि,पशुपालन,ब्यूटी पार्लर,सिलाई,फूड प्रोसेसिंग,कम्प्यूटर सेवाएं,मोबाइल रिपेयरिंग,रिटेल स्टोर आदि में स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।लाभ हेतु जो पात्र महिलाएं आवेदन करना चाहती हैं वह ज़िला कार्यक्रम अधिकारी,कमरा नंबर 236,प्रथम तल,नया विकास भवन,खुरड़,रुद्रप्रयाग 246171 को 31 जुलाई अंतिम तिथि तक पंजीकृत डाक से पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र उपलब्ध करवा सकती हैं।प्रदेश सरकार के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग का यह प्रयास महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन यापन में सहायता प्रदान करेगा।
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मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आत्मनिर्भर बनेंगी जनपद की एकल महिलाएं
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।प्रदेश सरकार द्वारा एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की परित्यक्ता,विधवा,तलाकशुदा,परित्यक्त,असहाय तथा आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को स्वयं के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने हेतु आर्थिक सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके निवास क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना एवं उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।योजना की मुख्य विशेषताएं:लाभार्थी महिला की आयु 21 से 50 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।लाभार्थी महिला उत्तराखंड की मूल निवासी एवं स्थानीय होनी चाहिए।योजना के अंतर्गत महिला को अधिकतम ₹2.00 लाख तक का स्वरोजगार प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति होगी।प्रस्तावित परियोजना लागत में विभाग द्वारा 75% तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी जबकि 25% राशि महिला को स्वयं वहन करनी होगी।परियोजना लागत के आधार पर सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाएगी-क्रमशः 50%,30% एवं 20%।महिला द्वारा स्वंय का अंशदान संबंधित बैंक/खाता में निर्धारित प्रतिशत के अनुसार जमा करना अनिवार्य होगा।योजनांतर्गत चयनित क्षेत्रों जैसे-कृषि,पशुपालन,ब्यूटी पार्लर,सिलाई,फूड प्रोसेसिंग,कम्प्यूटर सेवाएं,मोबाइल रिपेयरिंग,रिटेल स्टोर आदि में स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।लाभ हेतु जो पात्र महिलाएं आवेदन करना चाहती हैं वह ज़िला कार्यक्रम अधिकारी,कमरा नंबर 236,प्रथम तल,नया विकास भवन,खुरड़,रुद्रप्रयाग 246171 को 31 जुलाई अंतिम तिथि तक पंजीकृत डाक से पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र उपलब्ध करवा सकती हैं।प्रदेश सरकार के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग का यह प्रयास महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन यापन में सहायता प्रदान करेगा।