जलभराव क्षेत्रों में जल निकास के जिलाधिकारी ने दिए उचित प्रबंधन के निर्देश
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार शहर के जलभराव क्षेत्रों में जल निकासी के उचित प्रबंधन करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जनपद वासियों को जलभराव के स्थिति का सामना न करना पड़े तथा जिन क्षेत्रों में वर्षा होने पर अक्सर जल भराव की स्थिति बनी रहती है ऐसे क्षेत्रों में जल निकासी के लिए उचित प्रबंधन के निर्देश दिए,ताकि क्षेत्र वासियों को जलभराव का सामना न करने पड़े ।उन्होंने भगत सिंह चौक एवं चंद्राचर्या चौक में जलभराव से स्थिति गंभीर हो जाती है इसके उचित प्रबंधन हेतु ड्रेनेज मास्टर प्लान के तहत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।उन्होंने सिंचाई विभाग,नगर निगम एवं भेल के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जलभराव क्षेत्रों का सयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए एवं उन्होंने भेल के नगर प्रशासक को निर्देश दिए है कि भेल की ओर से आने वाला वर्षा के पानी के लिए उचित प्रबंधन हेतु पौंड (तालाब) बनाए जाने के लिए भूमि चिन्हित करने के भी निर्देश दिए, ताकि भेल की ओर से आने वाला वर्षा के पानी को तालाब में डायवर्ट किए जा सके।जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जल निकासी के लिए अन्य विकल्प भी तलाशे जाए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे,मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नंदन कुमार,उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार,अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग ओमजी गुप्ता,डीडी राजा जी महातीम यादव,अधिशासी अभियंता पेयजल निगम आरके गुप्ता,अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग रुड़की दिनेश चंद्र उनियाल,परियोजना प्रबंधक गंगा मीनाक्षी मित्तल वशिष्ठ, नगर प्रशासक भेल संजय पंवार,वरिष्ठ प्रबंधक भेल विपुंज कुमार,आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,एसडीओ फॉरेस्ट डिवीजन पूनम कैंथोला सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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जलभराव क्षेत्रों में जल निकास के जिलाधिकारी ने दिए उचित प्रबंधन के निर्देश
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार शहर के जलभराव क्षेत्रों में जल निकासी के उचित प्रबंधन करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जनपद वासियों को जलभराव के स्थिति का सामना न करना पड़े तथा जिन क्षेत्रों में वर्षा होने पर अक्सर जल भराव की स्थिति बनी रहती है ऐसे क्षेत्रों में जल निकासी के लिए उचित प्रबंधन के निर्देश दिए,ताकि क्षेत्र वासियों को जलभराव का सामना न करने पड़े ।उन्होंने भगत सिंह चौक एवं चंद्राचर्या चौक में जलभराव से स्थिति गंभीर हो जाती है इसके उचित प्रबंधन हेतु ड्रेनेज मास्टर प्लान के तहत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।उन्होंने सिंचाई विभाग,नगर निगम एवं भेल के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जलभराव क्षेत्रों का सयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए एवं उन्होंने भेल के नगर प्रशासक को निर्देश दिए है कि भेल की ओर से आने वाला वर्षा के पानी के लिए उचित प्रबंधन हेतु पौंड (तालाब) बनाए जाने के लिए भूमि चिन्हित करने के भी निर्देश दिए, ताकि भेल की ओर से आने वाला वर्षा के पानी को तालाब में डायवर्ट किए जा सके।जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जल निकासी के लिए अन्य विकल्प भी तलाशे जाए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे,मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नंदन कुमार,उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार,अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग ओमजी गुप्ता,डीडी राजा जी महातीम यादव,अधिशासी अभियंता पेयजल निगम आरके गुप्ता,अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग रुड़की दिनेश चंद्र उनियाल,परियोजना प्रबंधक गंगा मीनाक्षी मित्तल वशिष्ठ, नगर प्रशासक भेल संजय पंवार,वरिष्ठ प्रबंधक भेल विपुंज कुमार,आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,एसडीओ फॉरेस्ट डिवीजन पूनम कैंथोला सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।