कलश यात्रा के साथ ही सात दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ
प्रदीप कुमार
जखोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखण्ड जखोली की ग्राम पंचायत कोट बांगर में ल्रर्स्तागिंनि नदी धारकुड़ी से कोट ग्राम में कलश यात्रा के साथ ही सात दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ हो गया है। शुक्रवार को ग्राम कोट में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं ने पीत वस्त्र में पारम्परिक वाद्य यंत्रों की थाप पर कलश यात्रा निकाली। महिलाओं ने गोबिंद जय,जय गोपाल जय का संकीर्तन करते हुये माता मंदिर से मुख्य मार्ग होते हुए कथा स्थल पहूंचे। जहां विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा लडडू गोपाल का जलाभिषेक के बेदप्रकाश राजेन्द्र लक्ष्मी लला सेमवाल के द्वारा कराया गया,वहीं ज्योतिषपीठ व्यास पद से अलंकृत आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने व्यासपीठ से कहा कि भागवत कराने वाले भाग्यशाली होते हैं,लेकिन सुनने वालों को भी वही पुण्य का लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने कहा भागवत के भ का मतलब होता है जो सर्व लोक में प्रकाश करें और तक व्याख्या करते हुए कहा कि जो सबको भव से तार दे। उन्होंने पीत वस्त्र के लिए कहा कि जिसे कृष्ण भगवान धारण किए हैं वहीं राधा है। जल धारा का मतलब समझाते हुए कहा कि इसका उल्टा राधा होता है अर्थात राधा रानी को भगवान कृष्ण से मिलाने का भाव है भागवत की महता पद्मपुराण ने 6 अध्यायओं में कही,यानी भागवत की महता मूल में भक्ति की कथा मतलब मानव जीवन की मूल में भक्ति होने चाहिए। आयोजक समिति के राजेन्द्र सेमवाल ने कहा कि भागवत कथा 7 तारीख तक चलेगी,जिसका समय अपराह्न 12 बजे से 4.30बजे तक नित्य चलेगी। उन्होंने सभी लोग अधिक से अधिक संख्या में आकर पुण्य लाभ उठाने का आह्वान किया है। इस अवसर पर बेदप्रकाश सेमवाल,प्रीति सेमवाल,राजेन्द्र सेमवाल,ललिता सेमवाल,तुलसी सेमवाल,भानु सेमवाल,पुनिता सेमवाल,आयुष सेमवाल,कल्पेश्वरी सेमवाल,गुड्डी नौडियाल,सुनिता मैठानी,संगिता भट्ट,विपिन सेमवाल,दीक्षा सेमवाल,अनमोल सेमवाल,रक्षा सेमवाल,भजराम सेमवाल,आचार्य कैलास थपलियाल,आचार्य हर्षमणी सेमवाल,लक्ष्मी सेमवाल,सत्येवर सेमवाल,आचार्य सन्दीप बहुगुणा, आचार्य हिमांशु मैठानी,आचार्य जितेंद्र धस्माना,अमीत रावत,अनिल चमोली आदि मौजूद थे।
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कलश यात्रा के साथ ही सात दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ
प्रदीप कुमार
जखोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखण्ड जखोली की ग्राम पंचायत कोट बांगर में ल्रर्स्तागिंनि नदी धारकुड़ी से कोट ग्राम में कलश यात्रा के साथ ही सात दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ हो गया है। शुक्रवार को ग्राम कोट में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं ने पीत वस्त्र में पारम्परिक वाद्य यंत्रों की थाप पर कलश यात्रा निकाली। महिलाओं ने गोबिंद जय,जय गोपाल जय का संकीर्तन करते हुये माता मंदिर से मुख्य मार्ग होते हुए कथा स्थल पहूंचे। जहां विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा लडडू गोपाल का जलाभिषेक के बेदप्रकाश राजेन्द्र लक्ष्मी लला सेमवाल के द्वारा कराया गया,वहीं ज्योतिषपीठ व्यास पद से अलंकृत आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने व्यासपीठ से कहा कि भागवत कराने वाले भाग्यशाली होते हैं,लेकिन सुनने वालों को भी वही पुण्य का लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने कहा भागवत के भ का मतलब होता है जो सर्व लोक में प्रकाश करें और तक व्याख्या करते हुए कहा कि जो सबको भव से तार दे। उन्होंने पीत वस्त्र के लिए कहा कि जिसे कृष्ण भगवान धारण किए हैं वहीं राधा है। जल धारा का मतलब समझाते हुए कहा कि इसका उल्टा राधा होता है अर्थात राधा रानी को भगवान कृष्ण से मिलाने का भाव है भागवत की महता पद्मपुराण ने 6 अध्यायओं में कही,यानी भागवत की महता मूल में भक्ति की कथा मतलब मानव जीवन की मूल में भक्ति होने चाहिए। आयोजक समिति के राजेन्द्र सेमवाल ने कहा कि भागवत कथा 7 तारीख तक चलेगी,जिसका समय अपराह्न 12 बजे से 4.30बजे तक नित्य चलेगी। उन्होंने सभी लोग अधिक से अधिक संख्या में आकर पुण्य लाभ उठाने का आह्वान किया है। इस अवसर पर बेदप्रकाश सेमवाल,प्रीति सेमवाल,राजेन्द्र सेमवाल,ललिता सेमवाल,तुलसी सेमवाल,भानु सेमवाल,पुनिता सेमवाल,आयुष सेमवाल,कल्पेश्वरी सेमवाल,गुड्डी नौडियाल,सुनिता मैठानी,संगिता भट्ट,विपिन सेमवाल,दीक्षा सेमवाल,अनमोल सेमवाल,रक्षा सेमवाल,भजराम सेमवाल,आचार्य कैलास थपलियाल,आचार्य हर्षमणी सेमवाल,लक्ष्मी सेमवाल,सत्येवर सेमवाल,आचार्य सन्दीप बहुगुणा, आचार्य हिमांशु मैठानी,आचार्य जितेंद्र धस्माना,अमीत रावत,अनिल चमोली आदि मौजूद थे।