अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर जिला जज ने दिया पैदल चलने का संदेश
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर पौड़ी गढ़वाल में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान जिला जज/अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धर्म सिंह ने अपने आवास से न्यायालय तक पैदल आकर आमजन को पर्यावरण संरक्षण व स्वास्थ्य के लिये पैदल चलने व साइकिल का उपयोग करने का संदेश दिया।जिला जज ने सभी को अपने कार्यालयों तक पैदल या साइकिल से आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के लिए पैदल चलना और साइकिल का उपयोग बेहद जरूरी है। अगर हम छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें,तो समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को न सिर्फ अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिये, बल्कि उन्हें अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए।अवसर पर आयोजित गोष्ठी में युवाओं को प्रभावित करने वाले सांस्कृतिक,कानूनी व सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई।युवाओं के मौलिक अधिकार व कर्तव्य,पर्यावरण की सुरक्षा,किशोर न्याय अधिनियम 2015,बाल विवाह अधिनियम 2006,पाॅक्सो अधिनियम 2012,उत्तराखंड समान नागरिक संहिता 2025,विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987,निःशुल्क विधिक सहायता,लोक अदालतें,पर्यावरणीय जिम्मेदारी और नशा विरोधी जागरुकता जैसे विषयों पर जानकारी दी गयी। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शहजाद ए.वाहिद,सिविल जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नाजिश कलीम,न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक मथेला,चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल कमल प्रसाद बमराडा,असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार,रिटेनर अधिवक्त कुसुम नेगी,स्थायी लोक अदालत सदस्य मयंक शर्मा सहित न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी व प्राविधिक स्वयंसेवक उपस्थित थे।
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अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर जिला जज ने दिया पैदल चलने का संदेश
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर पौड़ी गढ़वाल में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान जिला जज/अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धर्म सिंह ने अपने आवास से न्यायालय तक पैदल आकर आमजन को पर्यावरण संरक्षण व स्वास्थ्य के लिये पैदल चलने व साइकिल का उपयोग करने का संदेश दिया।जिला जज ने सभी को अपने कार्यालयों तक पैदल या साइकिल से आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के लिए पैदल चलना और साइकिल का उपयोग बेहद जरूरी है। अगर हम छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें,तो समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को न सिर्फ अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिये, बल्कि उन्हें अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए।अवसर पर आयोजित गोष्ठी में युवाओं को प्रभावित करने वाले सांस्कृतिक,कानूनी व सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई।युवाओं के मौलिक अधिकार व कर्तव्य,पर्यावरण की सुरक्षा,किशोर न्याय अधिनियम 2015,बाल विवाह अधिनियम 2006,पाॅक्सो अधिनियम 2012,उत्तराखंड समान नागरिक संहिता 2025,विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987,निःशुल्क विधिक सहायता,लोक अदालतें,पर्यावरणीय जिम्मेदारी और नशा विरोधी जागरुकता जैसे विषयों पर जानकारी दी गयी। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शहजाद ए.वाहिद,सिविल जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नाजिश कलीम,न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक मथेला,चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल कमल प्रसाद बमराडा,असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार,रिटेनर अधिवक्त कुसुम नेगी,स्थायी लोक अदालत सदस्य मयंक शर्मा सहित न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी व प्राविधिक स्वयंसेवक उपस्थित थे।