अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने की समीक्षा
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय कक्ष में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति व्यक्तियों पर किए उत्पीड़न मामलों पर उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली आर्थिक सहायता के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। बैठक की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि वर्ष 2024-25 में 69 प्रकरण प्राप्त हुए जिसमे पीड़ितों को संख्या 95 थी,जिसमे से 75 पीड़ितों के आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई,जिसमें 67 लोगों को शासनादेश अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। जिसमें 08 लोगों का जाति प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने पर उन्हें आर्थिक सहायता का भुगतान नहीं हो पाया है।जिसपर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए के जिला समाज कल्याण अधिकारी अभिजीत सिंह को निर्देश दिए है कि जो भी प्रकरण जाति प्रमाणपत्र के अभाव में लंबित है उनके संबंध में संबंधित पीड़ित व्यक्तियों से संपर्क करते हुए उनके एक सप्ताह के भीतर जाति प्रमाणपत्र जारी करवाना सुनिश्चित करे,इसमें किसी भी प्रकार की कोई शिथिलता एवं लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए है कि गरीब व्यक्तियों पर हुए अत्याचार के प्रकरणों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित करवाई करते हुए शासनादेश अनुसार उपलब्ध होने वाले आर्थिक सहायता को उन्हें मिल सके।उन्होंने पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए है कि जिन प्रकरणों पर प्राथमिकता दर्ज की गई है एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई जानी है वह समय से उपलब्ध कराई जाए ताकि संबंधित प्रकरण पर उचित कार्यवाही की जा सके।इस अवसर पर भगवानपुर विधायक ममता राकेश,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,जिला समाज कल्याण अधिकारी अभिजीत सिंह,इंस्पेक्टर मनीष उपाध्याय,प्रत्यक्ष फाउंडेशन गोपाल कुमार कुंडलीवाला,समाजसेवी अनूप कुमार,राजबहादुर सैनी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने की समीक्षा
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय कक्ष में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति व्यक्तियों पर किए उत्पीड़न मामलों पर उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली आर्थिक सहायता के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। बैठक की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि वर्ष 2024-25 में 69 प्रकरण प्राप्त हुए जिसमे पीड़ितों को संख्या 95 थी,जिसमे से 75 पीड़ितों के आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई,जिसमें 67 लोगों को शासनादेश अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। जिसमें 08 लोगों का जाति प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने पर उन्हें आर्थिक सहायता का भुगतान नहीं हो पाया है।जिसपर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए के जिला समाज कल्याण अधिकारी अभिजीत सिंह को निर्देश दिए है कि जो भी प्रकरण जाति प्रमाणपत्र के अभाव में लंबित है उनके संबंध में संबंधित पीड़ित व्यक्तियों से संपर्क करते हुए उनके एक सप्ताह के भीतर जाति प्रमाणपत्र जारी करवाना सुनिश्चित करे,इसमें किसी भी प्रकार की कोई शिथिलता एवं लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए है कि गरीब व्यक्तियों पर हुए अत्याचार के प्रकरणों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित करवाई करते हुए शासनादेश अनुसार उपलब्ध होने वाले आर्थिक सहायता को उन्हें मिल सके।उन्होंने पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए है कि जिन प्रकरणों पर प्राथमिकता दर्ज की गई है एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई जानी है वह समय से उपलब्ध कराई जाए ताकि संबंधित प्रकरण पर उचित कार्यवाही की जा सके।इस अवसर पर भगवानपुर विधायक ममता राकेश,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,जिला समाज कल्याण अधिकारी अभिजीत सिंह,इंस्पेक्टर मनीष उपाध्याय,प्रत्यक्ष फाउंडेशन गोपाल कुमार कुंडलीवाला,समाजसेवी अनूप कुमार,राजबहादुर सैनी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।