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विपक्ष का सदन में सोना दुखद आपदा पर चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण: रावत

प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।पौड़ी 20 अगस्त भाजपा ने कांग्रेस पर स्वार्थपरक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जन मुद्दों पर सजग रहने के बजाय विपक्ष सदन में सो गया और उसकी नींद नहीं टूटी। विपक्ष का सड़क से सदन के भीतर जन मुद्दों पर लड़ने का दावा भी खोखला साबित हुआ।भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत ने कहा कि आपदा के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय विपक्षी नेताओं ने अपने ऊपर लगे मुकदमों को लेकर हंगामा किया। उन्होंने सत्र समाप्ति को उचित बताते हुए कहा कि सदन केवल हंगामा करने,नींद लेने और राजनीति करने का मंच नहीं हो सकता।रावत ने गैरसैंण सत्र में विपक्षी विधायकों द्वारा की गई तोड़फोड़ और अराजकता की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश धराली,पौड़ी समेत कई स्थानों पर आपदा का दंश झेल रहा है।मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में शासन-प्रशासन और जनता मिलकर राहत-बचाव कार्यों में जुटे हैं। ऐसे समय में कांग्रेस सहयोग करने के बजाय नकारात्मक राजनीति कर रही है और उनके नेताओं ने लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन व राहत राशि को लेकर अफवाहें फैलाईं।उन्होंने कहा कि सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पहले ही गैरसैंण में मानसून सत्र आहूत किया था। बेहतर होता कि विपक्ष शुरुआत में ही आपदा प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट करता और राहत-बचाव कार्यों व भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा करता। लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि विपक्षी विधायकों ने असंवेदनशील और गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाकर सदन की मर्यादाओं को तार-तार कर दिया। रावत ने कहा कि विपक्ष के लिए न तो आपदा महत्वपूर्ण रही और न ही विकास या जनहित के मुद्दे।नैनीताल में उनके वरिष्ठ विधायकों द्वारा की गई अराजकता पर हुई कानूनी कार्रवाई को लेकर उन्होंने सदन को बंधक बनाया और अपनी अलोकतांत्रिक मांगें मनवाने का प्रयास किया। यह जनता ने साफ तौर पर देख लिया है।भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुपूरक बजट समेत अन्य विधेयक पारित कराए। विपक्ष के तमाम अवरोधों के बावजूद विधानसभा का तय एजेंडा पूरा हुआ और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश हित के कार्य संपन्न हुए। उन्होंने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष नहीं चाहता था कि धर्मांतरण कानून को और कठोर बनाने पर चर्चा हो,अवैध मदरसों पर कार्रवाई के विधेयक पर चर्चा हो या आपदा राहत और बचाव कार्यों पर बहस हो।उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास जनहित से जुड़े कोई सवाल नहीं थे,इसलिए उनके विधायक सदन में नींद पूरी करते रहे। यहां तक कि विपक्ष के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्या भी अपने निजी मामलों में लाभ लेने और केस हटवाने के लिए अपनी भूमिका का दुरुपयोग करते दिखाई दिए। रावत ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है। दिनभर सदन में हंगामा और तोड़फोड़ करने के बाद रात में सदन में खर्राटे भरना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए शर्मनाक है। कांग्रेसी विधायकों ने इस बार विपक्षी राजनीति का विकृत रूप पेश किया है और यह स्पष्ट हो गया है कि वे जनता की समस्याओं से कहीं अधिक अपने स्वार्थों में डूबे हुए हैं।

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