जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के उद्योग जगत के साथ निवेश और साझेदारी के अवसरों पर संवाद किया
प्रदीप कुमार
रुड़की हरिद्वार श्रीनगर गढ़वाल।फ्रैंकफर्ट से आए एक उच्च-स्तरीय जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने,बुधवार को हरिद्वार और रुड़की के उद्योग संगठनों,व्यावसायिक नेताओं और शिक्षाविदों के साथ एक संवादात्मक बैठक आयोजित की। इस बैठक का उद्देश्य निवेश और सहयोग के नए अवसरों की खोज करना था।तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के उद्यमियों को फ्रैंकफर्ट में व्यवसाय स्थापित करने के लिए निर्बाध सहयोग,त्वरित स्वीकृतियां और मार्गदर्शन प्रदान करने का आश्वासन दिया।फ्रैंकफर्ट व्यापार के लिए पूरी तरह खुला है। उत्तराखंड से आने वाले उद्यमियों के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं है। हम उभरते हुए व्यवसायों और स्टार्ट-अप विचारों का फ्रैंकफर्ट में स्वागत करते हैं,कुमार ने कहा।बैठक को संबोधित करते हुए,सी.रवि शंकर,सचिव-कौशल विकास एवं रोजगार,उत्तराखंड शासन ने स्थानीय उद्योगों से जर्मनी में उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों में साझेदारी खोजने और अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।उत्तराखंड उद्योग विभाग ने राज्य के रणनीतिक लाभों पर प्रकाश डाला,जिसमें दिल्ली-एनसीआर ग्रोथ बेल्ट का हिस्सा होने के कारण विशाल उपभोक्ता बाजारों तक सहज पहुंच,राज्य की निवेशक-हितैषी नीतियों,निवेश मित्र’सिंगल विंडो सिस्टम,ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2023 में टॉप अचीवर रैंकिंग तथा मेगा इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट पॉलिसी 2025 जैसी पहलें भी प्रस्तुत कीं।उत्तराखंड के फार्मास्यूटिकल्स,ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स,ऑटो कंपोनेंट्स,और पर्यटन जैसे सेक्टर जर्मनी की ताकत और बाजार की आवश्यकताओं से गहराई से मेल खाते हैं। दोनों पक्षों ने भविष्य में वेलनेस,ग्रीन मोबिलिटी,कौशल विकास और सतत विकास में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तराखंड के संसाधन व प्रतिभा मिलकर नवाचार और साझा विकास के नए आयाम खोल सकते हैं।
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जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के उद्योग जगत के साथ निवेश और साझेदारी के अवसरों पर संवाद किया
प्रदीप कुमार
रुड़की हरिद्वार श्रीनगर गढ़वाल।फ्रैंकफर्ट से आए एक उच्च-स्तरीय जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने,बुधवार को हरिद्वार और रुड़की के उद्योग संगठनों,व्यावसायिक नेताओं और शिक्षाविदों के साथ एक संवादात्मक बैठक आयोजित की। इस बैठक का उद्देश्य निवेश और सहयोग के नए अवसरों की खोज करना था।तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के उद्यमियों को फ्रैंकफर्ट में व्यवसाय स्थापित करने के लिए निर्बाध सहयोग,त्वरित स्वीकृतियां और मार्गदर्शन प्रदान करने का आश्वासन दिया।फ्रैंकफर्ट व्यापार के लिए पूरी तरह खुला है। उत्तराखंड से आने वाले उद्यमियों के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं है। हम उभरते हुए व्यवसायों और स्टार्ट-अप विचारों का फ्रैंकफर्ट में स्वागत करते हैं,कुमार ने कहा।बैठक को संबोधित करते हुए,सी.रवि शंकर,सचिव-कौशल विकास एवं रोजगार,उत्तराखंड शासन ने स्थानीय उद्योगों से जर्मनी में उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों में साझेदारी खोजने और अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।उत्तराखंड उद्योग विभाग ने राज्य के रणनीतिक लाभों पर प्रकाश डाला,जिसमें दिल्ली-एनसीआर ग्रोथ बेल्ट का हिस्सा होने के कारण विशाल उपभोक्ता बाजारों तक सहज पहुंच,राज्य की निवेशक-हितैषी नीतियों,निवेश मित्र’सिंगल विंडो सिस्टम,ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2023 में टॉप अचीवर रैंकिंग तथा मेगा इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट पॉलिसी 2025 जैसी पहलें भी प्रस्तुत कीं।उत्तराखंड के फार्मास्यूटिकल्स,ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स,ऑटो कंपोनेंट्स,और पर्यटन जैसे सेक्टर जर्मनी की ताकत और बाजार की आवश्यकताओं से गहराई से मेल खाते हैं। दोनों पक्षों ने भविष्य में वेलनेस,ग्रीन मोबिलिटी,कौशल विकास और सतत विकास में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तराखंड के संसाधन व प्रतिभा मिलकर नवाचार और साझा विकास के नए आयाम खोल सकते हैं।