जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में रुद्रप्रयाग में जिला कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद रुद्रप्रयाग में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़ने की दिशा में अहम पहल करते हुए जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में जिला कौशल विकास एवमं शिशिक्षु समिति की दसवीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी जिला कौशल विकास योजना (DSDP 2025-26) को प्रभावी ढंग से तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।इस योजना का उद्देश्य जनपद के युवाओं को विभिन्न प्रकार के तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित रोजगार प्रयाग पोर्टल,मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना,वैश्विक रोजगार योजना,नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल,NSDC जॉब एक्स पोर्टल,और यूथ हब जैसी जनोपयोगी योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए,ताकि ये योजनाएं अंतिम पंक्ति तक के लाभार्थियों तक पहुंच सकें।उन्होंने कहा कि सभी विभाग मुख्य विकास अधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए सभी योजनाओं को आम जनमानस तक पहुचाने का कार्य करे ,जिससे युवाओ को सभी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।युवाओं की प्रतिभागिता सुनिश्चित करने पर बल बैठक में आगामी इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2025 में जनपद के युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि युवाओं को प्रतियोगिता के लिए समय रहते प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जनपद का नाम रोशन कर सकें।रोजगार सृजन के नए आयाम जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने यह भी कहा कि युवाओं को सिर्फ पारंपरिक शिक्षा ही नहीं,बल्कि व्यावसायिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।उन्होंने हेंडीक्राफ्ट,एनिमल हसबेंडरी,पर्यटन व्यवसाय,हॉस्पिटेलिटी,होम स्टे,एसएचजी उत्पादों जैसे अगरबत्ती निर्माण,फूड प्रोडक्ट निर्माण आदि की विशेष ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का यह एक सशक्त माध्यम बन सकता है।महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी जिलाधिकारी ने पहल करते हुए कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को भी कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाए तथा उन्हें पर्यटन और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिलेगी,बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी को प्राथमिकता जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए कि जिला कौशल विकास योजना में पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाए।उन्होंने कहा कि जनपद की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को देखते हुए पर्यटन एक बड़ा रोजगार क्षेत्र बन सकता है, जिसमें प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका अहम होगी।समय-समय पर चलाए जाते हैं प्रशिक्षण शिविर बैठक में जिला सेवा योजन अधिकारी सुशील चंद्र चमोली ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा समय-समय पर युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ट्रेनिंग कैंपों का आयोजन किया जाता है। इन कैंपों में कंप्यूटर प्रशिक्षण सहित विभिन्न प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत,मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेंद्र बिष्ट,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संदीप भट्ट,जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकित सैनी,जिला सेवायोजन अधिकारी सुमित चमोली,रा. स्ना.महाविद्यालय अगस्तमुनि की प्राचार्य डॉ.पूनम भूषण,राजकीय पॉलिटेक्निक रतूड़ा के प्राचार्य संजीव कुमार,किशन सिंह रावत सहित सेवायोजन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में रुद्रप्रयाग में जिला कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद रुद्रप्रयाग में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़ने की दिशा में अहम पहल करते हुए जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में जिला कौशल विकास एवमं शिशिक्षु समिति की दसवीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी जिला कौशल विकास योजना (DSDP 2025-26) को प्रभावी ढंग से तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।इस योजना का उद्देश्य जनपद के युवाओं को विभिन्न प्रकार के तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित रोजगार प्रयाग पोर्टल,मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना,वैश्विक रोजगार योजना,नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल,NSDC जॉब एक्स पोर्टल,और यूथ हब जैसी जनोपयोगी योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए,ताकि ये योजनाएं अंतिम पंक्ति तक के लाभार्थियों तक पहुंच सकें।उन्होंने कहा कि सभी विभाग मुख्य विकास अधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए सभी योजनाओं को आम जनमानस तक पहुचाने का कार्य करे ,जिससे युवाओ को सभी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।युवाओं की प्रतिभागिता सुनिश्चित करने पर बल बैठक में आगामी इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2025 में जनपद के युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि युवाओं को प्रतियोगिता के लिए समय रहते प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जनपद का नाम रोशन कर सकें।रोजगार सृजन के नए आयाम जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने यह भी कहा कि युवाओं को सिर्फ पारंपरिक शिक्षा ही नहीं,बल्कि व्यावसायिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।उन्होंने हेंडीक्राफ्ट,एनिमल हसबेंडरी,पर्यटन व्यवसाय,हॉस्पिटेलिटी,होम स्टे,एसएचजी उत्पादों जैसे अगरबत्ती निर्माण,फूड प्रोडक्ट निर्माण आदि की विशेष ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का यह एक सशक्त माध्यम बन सकता है।महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी जिलाधिकारी ने पहल करते हुए कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को भी कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाए तथा उन्हें पर्यटन और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिलेगी,बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी को प्राथमिकता जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए कि जिला कौशल विकास योजना में पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाए।उन्होंने कहा कि जनपद की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को देखते हुए पर्यटन एक बड़ा रोजगार क्षेत्र बन सकता है, जिसमें प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका अहम होगी।समय-समय पर चलाए जाते हैं प्रशिक्षण शिविर बैठक में जिला सेवा योजन अधिकारी सुशील चंद्र चमोली ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा समय-समय पर युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ट्रेनिंग कैंपों का आयोजन किया जाता है। इन कैंपों में कंप्यूटर प्रशिक्षण सहित विभिन्न प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत,मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेंद्र बिष्ट,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संदीप भट्ट,जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकित सैनी,जिला सेवायोजन अधिकारी सुमित चमोली,रा. स्ना.महाविद्यालय अगस्तमुनि की प्राचार्य डॉ.पूनम भूषण,राजकीय पॉलिटेक्निक रतूड़ा के प्राचार्य संजीव कुमार,किशन सिंह रावत सहित सेवायोजन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।