आईटीसी और बंधन संस्था के संयुक्त प्रयास से 50 महिलाओं को मिला स्वरोजगार का अवसर जिलाधिकारी ने किया किट वितरण
प्रदीप कुमार
हरिद्वार। आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं बंधन संस्था के संयुक्त प्रयास से बहादराबाद विकासखंड स्थित जिला सभागार में 50 असहाय एवं जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार किट प्रदान की गई।कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत और ग्रामोत्थान रीप परियोजना प्रबंधक डॉ.संजय सक्सेना ने संयुक्त रूप से किट वितरित की।आईटीसी समर्थित संस्था बंधन कोनागर अब तक 2100 अल्ट्रा पुअर अत्यंत गरीब महिलाओं को आजीविका संवर्धन हेतु सहयोग दे चुकी है। इनमें अधिकांश विधवा,दिव्यांग,एकल महिला,परित्यक्त अथवा परिवार में कमाने वाले पुरुष सदस्य से वंचित महिलाएं हैं।लाभार्थियों को सिलाई मशीनें,कॉस्मेटिक सामग्री और किराना दुकान सामग्री दी गई,ताकि वे स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकें।डॉ.सक्सेना ने कहा कि आईटीसी का यह प्रयास सराहनीय है। महिलाओं को रीप के अल्ट्रा पुअर मॉडल से जोड़कर स्थायी आजीविका उपलब्ध कराई जा रही है।कार्यक्रम में आईटीसी मिशन सुनहरा कल से जुड़ी संस्थाएं-भुवनेश्वरी महिला आश्रम,पीपीएचएफ,प्रथम एवं लोकमित्र ने सहभागिता निभाई।इस अवसर पर आईटीसी लिमिटेड के मानव संसाधन प्रमुख मोहम्मद अल्ताफ हुसैन भी मौजूद रहे।लाभार्थी रूकसाना तेलीवाला ने कहा-इस कार्यक्रम से मुझे स्वरोजगार का साधन मिला है। अब मैं बच्चों की पढ़ाई आगे बढ़ा सकूंगी। संस्था एवं मिशन सुनहरा कल का आभार।मिशन सुनहरा कल की यह पहल महिलाओं को न केवल आर्थिक मजबूती दे रही है बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ओर अग्रसर कर रही है।
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आईटीसी और बंधन संस्था के संयुक्त प्रयास से 50 महिलाओं को मिला स्वरोजगार का अवसर जिलाधिकारी ने किया किट वितरण
प्रदीप कुमार
हरिद्वार। आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं बंधन संस्था के संयुक्त प्रयास से बहादराबाद विकासखंड स्थित जिला सभागार में 50 असहाय एवं जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार किट प्रदान की गई।कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत और ग्रामोत्थान रीप परियोजना प्रबंधक डॉ.संजय सक्सेना ने संयुक्त रूप से किट वितरित की।आईटीसी समर्थित संस्था बंधन कोनागर अब तक 2100 अल्ट्रा पुअर अत्यंत गरीब महिलाओं को आजीविका संवर्धन हेतु सहयोग दे चुकी है। इनमें अधिकांश विधवा,दिव्यांग,एकल महिला,परित्यक्त अथवा परिवार में कमाने वाले पुरुष सदस्य से वंचित महिलाएं हैं।लाभार्थियों को सिलाई मशीनें,कॉस्मेटिक सामग्री और किराना दुकान सामग्री दी गई,ताकि वे स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकें।डॉ.सक्सेना ने कहा कि आईटीसी का यह प्रयास सराहनीय है। महिलाओं को रीप के अल्ट्रा पुअर मॉडल से जोड़कर स्थायी आजीविका उपलब्ध कराई जा रही है।कार्यक्रम में आईटीसी मिशन सुनहरा कल से जुड़ी संस्थाएं-भुवनेश्वरी महिला आश्रम,पीपीएचएफ,प्रथम एवं लोकमित्र ने सहभागिता निभाई।इस अवसर पर आईटीसी लिमिटेड के मानव संसाधन प्रमुख मोहम्मद अल्ताफ हुसैन भी मौजूद रहे।लाभार्थी रूकसाना तेलीवाला ने कहा-इस कार्यक्रम से मुझे स्वरोजगार का साधन मिला है। अब मैं बच्चों की पढ़ाई आगे बढ़ा सकूंगी। संस्था एवं मिशन सुनहरा कल का आभार।मिशन सुनहरा कल की यह पहल महिलाओं को न केवल आर्थिक मजबूती दे रही है बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ओर अग्रसर कर रही है।