अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर रुद्रप्रयाग में विधिक जागरूकता रैली का आयोजन
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशों एवं जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग सहदेव सिंह के मार्गदर्शन में आज अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में एक विधिक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।इस रैली का नेतृत्व पायल सिंह,सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग द्वारा किया गया।स्कूली बच्चों की भागीदारी के साथ आयोजित इस रैली का उद्देश्य समाज में शिक्षा और साक्षरता के महत्व को उजागर करना था।कार्यक्रम के दौरान पायल सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि हर वर्ष 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। यह दिन शिक्षा के महत्व और साक्षरता को एक मूलभूत मानव अधिकार के रूप में स्थापित करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि साक्षरता सिर्फ पढ़ना-लिखना भर नहीं,बल्कि यह व्यक्तिगत सशक्तिकरण,सामाजिक समावेशिता,और देश के विकास की कुंजी है। एक साक्षर व्यक्ति अपने अधिकारों को समझने,सामाजिक अन्याय के खिलाफ खड़े होने,और बेहतर जीवन जीने में सक्षम होता है।कार्यक्रम के अंतर्गत नालसा हेल्पलाइन 15100,अधिकार मित्र की भूमिका,निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया,तथा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 सितंबर 2025 की भी जानकारी दी गई,जिसमें आम जन अपनी कानूनी समस्याओं का समाधान सरल व त्वरित प्रक्रिया में पा सकते हैं इस अवसर पर रिटेनर अधिवक्ता,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी,अधिकार मित्र,एवं विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने जागरूकता रैली में सक्रिय सहभागिता दिखाते हुए समाज में शिक्षा के महत्व को प्रचारित करने का संकल्प लिया।
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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर रुद्रप्रयाग में विधिक जागरूकता रैली का आयोजन
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशों एवं जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग सहदेव सिंह के मार्गदर्शन में आज अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में एक विधिक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।इस रैली का नेतृत्व पायल सिंह,सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग द्वारा किया गया।स्कूली बच्चों की भागीदारी के साथ आयोजित इस रैली का उद्देश्य समाज में शिक्षा और साक्षरता के महत्व को उजागर करना था।कार्यक्रम के दौरान पायल सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि हर वर्ष 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। यह दिन शिक्षा के महत्व और साक्षरता को एक मूलभूत मानव अधिकार के रूप में स्थापित करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि साक्षरता सिर्फ पढ़ना-लिखना भर नहीं,बल्कि यह व्यक्तिगत सशक्तिकरण,सामाजिक समावेशिता,और देश के विकास की कुंजी है। एक साक्षर व्यक्ति अपने अधिकारों को समझने,सामाजिक अन्याय के खिलाफ खड़े होने,और बेहतर जीवन जीने में सक्षम होता है।कार्यक्रम के अंतर्गत नालसा हेल्पलाइन 15100,अधिकार मित्र की भूमिका,निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया,तथा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 सितंबर 2025 की भी जानकारी दी गई,जिसमें आम जन अपनी कानूनी समस्याओं का समाधान सरल व त्वरित प्रक्रिया में पा सकते हैं इस अवसर पर रिटेनर अधिवक्ता,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी,अधिकार मित्र,एवं विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने जागरूकता रैली में सक्रिय सहभागिता दिखाते हुए समाज में शिक्षा के महत्व को प्रचारित करने का संकल्प लिया।