रुद्रप्रयाग में पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित विद्यालयों में हुए विविध कार्यक्रम
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल भारत रत्न,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 138वीं जयंती जनपद रुद्रप्रयाग में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जनपद के तीनों विकास खंडों के समस्त विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।विद्यालय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में पं.गोविंद बल्लभ पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके उपरांत विद्यार्थियों के बीच निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया,जिनमें पंत जी के जीवन,कार्यों और योगदान पर विचार प्रस्तुत किए गए।विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा छात्र-छात्राओं को पंडित जी के जीवन से परिचित कराते हुए बताया गया कि उनका जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद में हुआ था। उन्होंने न केवल भारत की आज़ादी में सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि आज़ाद भारत के निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रहे और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए उन्होंने दूरदर्शिता के साथ कार्य योजनाएं बनाईं।कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को यह संदेश दिया गया कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी का जीवन राष्ट्रभक्ति,सेवा और नेतृत्व का अनुपम उदाहरण है,जिससे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
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रुद्रप्रयाग में पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित विद्यालयों में हुए विविध कार्यक्रम
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल भारत रत्न,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 138वीं जयंती जनपद रुद्रप्रयाग में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जनपद के तीनों विकास खंडों के समस्त विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।विद्यालय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में पं.गोविंद बल्लभ पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके उपरांत विद्यार्थियों के बीच निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया,जिनमें पंत जी के जीवन,कार्यों और योगदान पर विचार प्रस्तुत किए गए।विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा छात्र-छात्राओं को पंडित जी के जीवन से परिचित कराते हुए बताया गया कि उनका जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद में हुआ था। उन्होंने न केवल भारत की आज़ादी में सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि आज़ाद भारत के निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रहे और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए उन्होंने दूरदर्शिता के साथ कार्य योजनाएं बनाईं।कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को यह संदेश दिया गया कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी का जीवन राष्ट्रभक्ति,सेवा और नेतृत्व का अनुपम उदाहरण है,जिससे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।