जल स्वच्छता और आत्मनिर्भरता में मिसाल बना कोठार गांव पंचायत भवन से लेकर हर घर तक विकास की रेखा
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।विकासखंड यमकेश्वर की ग्राम पंचायत कोठार आज अपने सतत प्रयासों और सामूहिक सहयोग के चलते एक मॉडल ग्राम पंचायत बनकर उभरी है।पौड़ी गढ़वाल जिले के छोटे-से गांव कोठार ने सरकारी योजनाओं का बेहतरी से इस्तेमाल करने के साथ ही अपने संसाधनों से बड़े काम कर दिखाए हैं। उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए वर्ष 2022 में कोठार को दीन दयाल पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार मिल चुका है। ग्रामीणों की यह पहल आज क्षेत्र के लिए अनुकरणीय बन गई है। जिला पंचायती राज अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत कोठार के अंतर्गत चार राजस्व ग्राम भौन,खरगोशा,इड़िया और कोठार आते हैं। इसमें कोठार गांव में लगभग 50 परिवार रहते हैं। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की दूरदर्शी सोच से यह गांव जिले में मिसाल कायम कर रहा है। गांव की सबसे बड़ी उपलब्धि हर घर नल,हर घर जल योजना को युवक मंगल दल ने अपने संसाधनों से साकार किया है। गांव के हर घर तक पाइप लाइन से जल पहुंचाया गया है।इसके लिए ग्रामीणों से पांच हजार रूपये की सहयोग राशि लेकर जलस्रोत का संवर्धन किया गया व टैंक तैयार किए गए। गांव के नीचे स्थित पेयजल स्रोत से पानी अपलिफ्ट करने के लिए पंचायत निधि से पंपिंग मोटर खरीदी गई। यह मोटर पूर्ण रूप से ऑटोमेटिक है। मोटर में चिप लगाई है,जो मोबाइल फोन से जुड़ी रहती है। फोन में दिए गए कमांड से मोटर को चालू और बंद किया जाता है। ग्रामीणों से योजना के रखरखाव हेतु दो सौ रुपये प्रति माह शुल्क भी लिया जाता है। पानी की उपलब्धता खेती के लिए बनी वरदान मोटर लगने के बाद खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा है। इससे गांव में खेती को नया जीवन मिला है। अब गांव में प्याज,लहसुन,अदरक और हल्दी की भरपूर पैदावार हो रही है। हर परिवार खेती से जुड़ चुका है,जिससे आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। स्वच्छता की नई तस्वीर 14वें वित्त आयोग की निधि से गांव में सुंदर टाइल्स मार्ग और अंडरग्राउंड नालियां बनाई गई हैं।इससे गांव में स्वच्छता का स्तर काफी बेहतर हुआ है। यहां घरों से निकलने वाला पानी बेकार नहीं जाता है। घर के निष्प्रयोज्य पानी को पाइप लाइन के जरिए एक सोख़्ता पिट में डाला जाता है। इससे ग्राउंड वॉटर लेवल में सुधार हुआ है। साथ ही गंदगी से भी निजात मिली है। पंचायत भवन में है अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था पंचायत भवन पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड है। भवन में 60 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।साथ ही पंचायत भवन में अतिथियों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस का भी निर्माण किया गया है। ग्रामवासियों को कंप्यूटर और फोटोस्टेट जैसी सेवाएं निशुल्क दी जा रही हैं। प्रशासक का नेतृत्व बना प्रेरणा ग्राम प्रशासक नीरज पयाल के नेतृत्व में गांव ने अनेक विकास कार्यों को मूर्त रूप दिया है।स्वप्रेरणा और पारदर्शिता से किए गए कार्यों ने कोठार को अन्य ग्राम सभाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बना दिया है। ग्राम सभा कोठार की यह सफलता दिखाती है कि सामूहिक प्रयास,सशक्त नेतृत्व और जागरुकता से कोई भी गांव आत्मनिर्भर बन सकता है।
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जल स्वच्छता और आत्मनिर्भरता में मिसाल बना कोठार गांव पंचायत भवन से लेकर हर घर तक विकास की रेखा
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।विकासखंड यमकेश्वर की ग्राम पंचायत कोठार आज अपने सतत प्रयासों और सामूहिक सहयोग के चलते एक मॉडल ग्राम पंचायत बनकर उभरी है।पौड़ी गढ़वाल जिले के छोटे-से गांव कोठार ने सरकारी योजनाओं का बेहतरी से इस्तेमाल करने के साथ ही अपने संसाधनों से बड़े काम कर दिखाए हैं। उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए वर्ष 2022 में कोठार को दीन दयाल पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार मिल चुका है। ग्रामीणों की यह पहल आज क्षेत्र के लिए अनुकरणीय बन गई है। जिला पंचायती राज अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत कोठार के अंतर्गत चार राजस्व ग्राम भौन,खरगोशा,इड़िया और कोठार आते हैं। इसमें कोठार गांव में लगभग 50 परिवार रहते हैं। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की दूरदर्शी सोच से यह गांव जिले में मिसाल कायम कर रहा है। गांव की सबसे बड़ी उपलब्धि हर घर नल,हर घर जल योजना को युवक मंगल दल ने अपने संसाधनों से साकार किया है। गांव के हर घर तक पाइप लाइन से जल पहुंचाया गया है।इसके लिए ग्रामीणों से पांच हजार रूपये की सहयोग राशि लेकर जलस्रोत का संवर्धन किया गया व टैंक तैयार किए गए। गांव के नीचे स्थित पेयजल स्रोत से पानी अपलिफ्ट करने के लिए पंचायत निधि से पंपिंग मोटर खरीदी गई। यह मोटर पूर्ण रूप से ऑटोमेटिक है। मोटर में चिप लगाई है,जो मोबाइल फोन से जुड़ी रहती है। फोन में दिए गए कमांड से मोटर को चालू और बंद किया जाता है। ग्रामीणों से योजना के रखरखाव हेतु दो सौ रुपये प्रति माह शुल्क भी लिया जाता है। पानी की उपलब्धता खेती के लिए बनी वरदान मोटर लगने के बाद खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा है। इससे गांव में खेती को नया जीवन मिला है। अब गांव में प्याज,लहसुन,अदरक और हल्दी की भरपूर पैदावार हो रही है। हर परिवार खेती से जुड़ चुका है,जिससे आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। स्वच्छता की नई तस्वीर 14वें वित्त आयोग की निधि से गांव में सुंदर टाइल्स मार्ग और अंडरग्राउंड नालियां बनाई गई हैं।इससे गांव में स्वच्छता का स्तर काफी बेहतर हुआ है। यहां घरों से निकलने वाला पानी बेकार नहीं जाता है। घर के निष्प्रयोज्य पानी को पाइप लाइन के जरिए एक सोख़्ता पिट में डाला जाता है। इससे ग्राउंड वॉटर लेवल में सुधार हुआ है। साथ ही गंदगी से भी निजात मिली है। पंचायत भवन में है अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था पंचायत भवन पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड है। भवन में 60 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।साथ ही पंचायत भवन में अतिथियों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस का भी निर्माण किया गया है। ग्रामवासियों को कंप्यूटर और फोटोस्टेट जैसी सेवाएं निशुल्क दी जा रही हैं। प्रशासक का नेतृत्व बना प्रेरणा ग्राम प्रशासक नीरज पयाल के नेतृत्व में गांव ने अनेक विकास कार्यों को मूर्त रूप दिया है।स्वप्रेरणा और पारदर्शिता से किए गए कार्यों ने कोठार को अन्य ग्राम सभाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बना दिया है। ग्राम सभा कोठार की यह सफलता दिखाती है कि सामूहिक प्रयास,सशक्त नेतृत्व और जागरुकता से कोई भी गांव आत्मनिर्भर बन सकता है।