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राजकीय मेडिकल कॉलेज बेस हॉस्पिटल में सुरक्षा कर्मी मरीजों के सच्चे सहयोगी बनें: प्राचार्य डॉ.सयाना

प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।राजकीय मेडिकल कॉलेज के बेस चिकित्सालय में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे सुरक्षा कर्मियों से नवनियुक्त प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने वार्ता कर उन्हें केवल सुरक्षा तक सीमित न रहकर मरीजों और उनके परिजनों के सहयोगी व मार्गदर्शक की भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दूर-दराज से आने वाले हर मरीज को सही दिशा दिखाना और उनकी मदद करना ही सुरक्षा कर्मियों की असली जिम्मेदारी है। कहा कि प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के अथक परिश्रम और प्रयासों से बेस अस्पताल में सभी संसाधनों से परिपूर्ण किया जा रहा। ऐसे में व्यवस्था संभालने वालों का दायित्व है कि मरीजों और अस्पताल हित में बेहतर कार्य करे। निरीक्षण के दौरान डॉ.सयाना ने कहा कि बेस अस्पताल की सुरक्षा का दायित्व उन पूर्व सैनिकों पर है,जिन्होंने भारतीय सेना में रहकर देश सेवा की है।अनुशासन,नेतृत्व क्षमता,संवाद कौशल,आपसी सहयोग,त्वरित निर्णय लेने की योग्यता और आपदा प्रबंधन जैसे गुणों से परिपूर्ण इन पूर्व सैनिकों से अपेक्षा है कि वे अस्पताल और मरीज हित में अपनी सेवाएं पूरी निष्ठा से दें। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को मरीजों को अस्पताल की सुविधाओं की जानकारी देने,उनके वाहनों व एम्बुलेंस को सही स्थान पर पार्क कराने,ड्यूटी एरिया में लगातार विजिट करते रहने और वार्डों में डॉक्टरों के राउंड के समय अनावश्यक भीड़ को रोकने के निर्देश दिए। डॉ.सयाना ने कहा कि भीड़भाड़ से मरीजों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी संक्रमण का खतरा रहता है,इसलिए संवाद शैली को बेहतर बनाते हुए लोगों को जागरूक करना जरूरी है।प्राचार्य ने बताया कि बेस अस्पताल में इस समय दो सुपरवाइजर के साथ 44 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। शीघ्र ही अन्य सुरक्षा कर्मी भी जुड़ेंगे,जो वरिष्ठों से दिशा-निर्देश लेकर नई जिम्मेदारियों को सीखेंगे। इस अवसर पर सुपरवाइजर वीरेन्द्र सिंह कुंवर एवं राजेन्द्र प्रसाद भट्ट ने सुरक्षा कर्मियों की ओर से प्राचार्य का स्वागत किया। इस मौके पर एमएस डॉ.राकेश रावत भी मौजूद रहे। डॉ.सयाना ने यह भी कहा कि सुरक्षा कर्मियों समेत अन्य कर्मचारियों को सीपीआर और जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही फायर सेफ्टी और सुरक्षा प्रबंधन पर मॉक ड्रिल भी कराई जाएगी,ताकि सभी कर्मी हमेशा अलर्ट मोड में रह सकें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।

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